उत्तराखण्ड के 80 कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए तैयार की रणनीति

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80 employees of Uttarakhand prepared strategy for restoration of old pension

समाचार सच, देहरादून। हिमाचल में पुरानी पेंशन बहाली के कैबिनेट प्रस्ताव के बाद उत्तराखंड के करीब 80 हजार कर्मचारी सरकार पर इसके लिए दबाव बनाने की तैयारी में हैं। कर्मचारी वोट फॉर ओपीएस के तहत प्रदेश में निकाय और लोकसभा चुनाव से पहले माहौल बनाने की तैयारी में हैं। कर्मचारियों का कहना है उनका किसी पार्टी विशेष से कोई मतलब नहीं है, लेकिन जो पुरानी पेंशन बहाली की बात करेगा, कर्मचारी उसे ही वोट देंगे। इस अभियान के तहत कर्मचारी चरणबद्घ आंदोलन कर रहे हैं। इसके तहत 26 फरवरी को हल्द्वानी में पेंशन मार्च निकाला जाएगा। हर ब्लॉक और जिले से पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के सदस्य अभियान से जुड़ेंगे।

इधर पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलनरत कर्मचारियों के एक अन्य संगठन राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने भी आंदोलन की रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत रविवार को हल्द्वानी में प्रदेश स्तरीय रैली आयोजित की गई। यहां बड़ी संख्या में एकत्रित हुए राज्य कर्मचारियों ने नैनीताल रोड पर प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली। कर्मचारियों का कहना है कि जिस प्रकार राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन बहाल कर दी गई है। उसी तर्ज पर उत्तराखंड में भी राज्य सरकार को कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को बहाल करना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के अंदर कर्मचारियों का दमन किया जा रहा है। जिसे कर्मचारी किसी भी कीमत पर नहीं सहेंगे और पुरानी पेंशन की मांग को लागू करवा कर रहेंगे। कहा कि यदि इसके बाद भी पुरानी पेंशन बहाल नहीं की जाती है तो कर्मचारी विधानसभा सत्र के दौरान आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।

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