समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। जानिए किन तरीकों से इसकी रोकथाम की जा सकती है –
- बैठते समय गर्दन व पीठ पर खिंचाव – घर में बैठने का तरीका अहम रोल अदा करता है, आप जैसे बैठे रहे हैं ध्यान रखिए कि गर्दन और पीठ पर खिंचाव नहीं होना चाहिए।
- लंबी दूरी के सफर में थोड़ा रूककर चलिए – वाहन चलाते वक्त सही ढंग से बैठे एवं गाड़ी चलाते वक्त सीट बेल्ट जरूर लगाएं। गाड़ी की सीट से छेड़छाड़ न करें। सफर में थोड़ी देर बाद रूककर विश्राम से कमर दर्द एवं बचा जा सकता है।
- एक से डेढ़ घंटे के बीच उठकर चलिए – लगातार बैठने से बैक पेन की आशंका रहती है। 1 से डेढ़ घंटे के अंदर अपनी जगह से उठना चाहिए। घंटो सिटिंग जॉब करने वालों को पिलों का इस्तेमाल करना चाहिए।
- नियमित व्यायाम करें – आरामदायक जीवनशैली से समस्या बढ़ती है। कोई भी व्यायाम ना करने से रीढ़ की हड्डी में अकड़न आ सकती है।
- वजन और तनाव दोनों पर नियन्त्रण – मोटापे को शरीर पर हावी न होने दें। जंक फूड जैसे पिज्जा, बर्गर आदि के सेवन से मोटापा बढ़ता है और यह बैक पेन को बढ़ावा देता है। कैल्शियम और विटामिन से भरपूर पौष्टिक आहार जरूर खाएं। हरी सब्जियों का सेवन करें।
- गर्दन झुकाकर नहीं चलें – गर्दन झुकाकर कभी नहीं चलना चाहिए। इससे रीढ़ की हड्डी को भी नुकसान पहुचंता है। गलत तरीके से बैठने, चलने या लेटने से हंचबैक होने का संभावना बढ़ जाती है।
- शरीर की क्षमता से अधिक भार न उठाएं – व्यायाम नियमित रूप से ही करना चाहिए। गलत तरीके से व्यायाम करने से भी बैक पेन की समस्या होती है। यदि जिम में वर्कआउट करते हैं तो हमेशा ट्रेनर के निरीक्षण में ही भार उठाना चाहिए। शरीर की क्षमता से अधिक भार कभी नहीं उठाना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से स्लिप डिस्क की समस्या हो सकती है। (साभार: हर्बल हेल्थ)


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