अश्वगंधा और शतावरी के फायदे, नुकसान, सेवन का तरीका

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। अश्वगंधा और शतावरी का प्रयोग सदियों से आयुर्वेद में किया जाता रहा है। अश्वगंधा जहाँ शरीर को मजबूत करता है और वजन बढ़ाने में मदद करता है, शतावरी प्रजनन प्रक्रिया और पाचन में मदद करता है।
अश्वगंधा और शतावरी दोनों ही विशेष पौधों की जड़ों से प्राप्त किये जाते हैं। शतावरी के बारे में कहा जाता है कि इसमें 100 जड़ें होती हैं।
शतावरी और अश्वगंधा का प्रयोग मुख्य रूप से खून साफ़ करने और वजन बढ़ाने में किया जाता है।
इस लेख में अश्वगंधा और शतावरी के फायदे, नुकसान और सेवन करने का तरीका आपको बताएँगे।
अश्वगंधा के फायदे
-अश्वगंधा कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करता है।
-अश्वगंधा वजन बढ़ाने में मदद करता है।
-अश्वगंधा खून को साफ़ करता है।
-अश्वगंधा अवसाद में रक्षा करता है।
-अश्वगंधा नींद लाने में आपकी मदद करता है।
-अश्वगंधा एनीमिया में भी उपयोगी है।
-यह किडनी की कार्य कुशलता बढ़ाने में मदद करता है।
-अश्वगंधा दिमाग को तेज करता है।
शतावरी के फायदे –
-शतावरी महिलाओं के प्रजनन तंत्र को मजबूत करता है।
-शतावरी महिलाओं के स्तन में दूध बढ़ाने में मदद करता है।
-शतावरी महिलाओं के हार्माेन को नियंत्रित करता है।
-शतावरी पुरुषों के जनन तंत्र में भी फायदे हैं।
-यह आपके पेट साफ़ करने में भी मदद करता है।
-शतावरी दिमाग के लिए भी फायदेमंद है।
-शतावरी इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
-शतावरी एक प्राकृतिक औषधि है, जो कई रोगों में असरदार है।
अश्वगंधा और शतावरी के फायदे –
-अश्वगंधा और शतावरी तनाव कम करते हैं
-हमारे शरीर में ‘कोर्टिसोल’ नामक एक हॉर्माेन मौजूद होता है, जो शरीर में ज्यादा होने पर तनाव बढ़ाता है।
-कई बार शरीर में ज्यादा मात्रा में ‘कोर्टिसोल’ होनें पर रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप कई तरह की बीमारियाँ उत्पन्न हो जाती हैं।
-कई शोधों से यह पता चला है कि अश्वगंधा शरीर में ‘कोर्टिसोल’ की मात्रा को कम करता है, जिससे तनाव आदि में मदद मिलती है।
-इसके अलावा शतावरी की तासीर ठंडी होती है, जिससे यह दिमाग को ठंडा करता है।
-इसके लिए आप रोजाना अश्वगंधा और शतावरी का सेवन करें।
अश्वगंधा और शतावरी के फायदे बालों के लिए –
-आयुर्वेद में काफी समय से अश्वगंधा और शतावरी का प्रयोग बालों से सम्बंधित समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता रहा है।
-ये बालों की जड़ों तक रक्त का संचार सुधार देता है जिससे आपके बाल तेज़ी से बढ़ते हैं और स्वस्थ रहते हैं।
-इसके लिए आप रोजाना अश्वगंधा और शतावरी के चूर्ण को मिलाकर दूध के साथ लें।
-इससे आपके बाल लम्बे और मजबूत होंगें।
अश्वगंधा और शतावरी कैंसर में मदद करे
-कुछ समय से विज्ञान भी आयुर्वेदिक औषधियों के गुणों को मानने लगा है। इसी के पक्ष में यह बात सामने आई है कि शतावरी और अश्वगंधा में कैंसर प्रतिरोधी क्षमता होती है।
-इसमें मौजूद एंटीट्यूमर गुण इसे कैंसर से लड़ने के काबिल बनाते हैं।
ये दोनों औषधियां शरीर की हानिकारक कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं, जिससे कैंसर फैल नहीं पाता है।
कई दवाइयों में भी शतावरी और अन्य सम्बंधित औषधियों का उपयोग किया जाता है।
अश्वगंधा और शतावरी दिमाग को तेज करे
-शोध में पाया गया कि अश्वगंधा और शतावरी नर्व सेल्स को मज़बूत करता है और दिमाग को तेज़ बनाते है।
-हालांकि, आयुर्वेदिक चिकित्सा में इन औषधियों का प्रयोग काफी समय से किया जा रहा है लेकिन अभी भी इस पर कई परिक्षण जारी हैं।
अलग अलग अध्ययनों में ये पाया गया है कि प्रतिदिन अश्वगंधा और शतावरी का सेवन करने वालों में उनके दिमाग की स्थिरता और प्रदर्शन में महत्त्वपूर्ण सुधार आया।
-आप इनके साथ त्रिफला चूर्ण का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
अश्वगंधा और शतावरी के नुकसान –
-अश्वगंधा और शतावरी के प्रयोग से आपकी किडनी में घाव हो सकते हैं।
-अत्यधिक शतावरी लेने से इससे डायरिया हो सकता है।
-शतावरी के अधिक सेवन करने से पेट में दर्द भी हो सकता है।
-गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को पालने वाली महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे बच्चे को मिलने वाला पोषण कम हो जाता है।
-अधिक अश्वगंधा और शतावरी का सेवन करने से दस्त की समस्या हो सकती है।
-ज्यादा प्राकृतिक औषधि के इस्तेमाल से त्वचा और बालों में समस्या हो सकती है।
अश्वगंधा और शतावरी का सेवन कैसे करे?
आप कई तरीकों से अश्वगंधा और शतावरी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
-अश्वगंधा और शतावरी की चाय
अश्वगंधा की चाय बच्चों में पोषण की कमी को पूरा करती है। इसका प्रयोग सूखा रोग व कुपोषण को पूर्ण रूप से दूर करने में किया जाता है। अश्वगंधा की चाय बनाने की विधि निम्नवत है-
-आधा गिलास पानी और आधा गिलास दूध लें। इसमें 1 ग्राम अश्वगंधा पाउडर डालें और अच्छे से उबलने के लिए रख दें। जब यह उबल जाए तो इसे ठंडा कर लें और इसके चीनी मिलाए। यह बच्चों के शारीरिक विकास में बहुत लाभकारी होता है।
-इसमें आप मात्रानुसार शतावरी का चूर्ण भी मिला सकते हैं।
अश्वगंधा और शतावरी का चूर्ण –
-शतावरी का इस्तेमाल कई रूप में किया जा सकता है, जैसे शतावरी चूर्ण, शतावरी की गोली और शतावरी की दवाई। आयुर्वेद के मुताबिक आपको चूर्ण के रूप में इनका इस्तेमाल करना चाहिए।
-ऐसा इसलिए है क्योंकि चूर्ण जल्दी से पच जाता है और शरीर द्वारा अवशोषित किया जा सकता है।
शतावरी और अश्वगंधा दूध के साथ –
-1 कप गर्म दूध या बादाम के दूध लें और इसमें 1 चम्मच घी, 1 चम्मच कटा हुआ नारियल, 2 चम्मच कटा हुआ बादाम, आधा चम्मच केसर, 1/8 चम्मच इलायची के बीज या सौंफ का बीज, 1 चम्मच कच्ची शहद, 1 चम्मच शतवारी पाउडर व 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर एक साथ मिला लें। इस प्रकार अश्वगंधा दूध टॉनिक तैयार है।
अश्वगंधा और शतावरी की गोली
-अश्वगंधा और शतावरी दोनों ही गोली के रूप में भी ली जा सकती है।
-इसके लिए आप डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। बिना डॉक्टर से पूछे आप अश्वगंधा की गोलियां ना लें।

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