समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। ब्राउन राइस खाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि चावल के पोषक तत्व जैसे मिनरल, फाइबर और बी काम्पलेक्स बरकरार रहते हैं। भारत में ज्यादातर लोग सफेद चावल खाना पसंद करते हैं और इसे रोजाना की डाइट में शामिल भी करते हैं, लेकिन सेहत और पोषण के लिहाज से सफेद चावल से ज्यादा ब्राउन राइस फायदेमंद होते हैं। वास्तव में चावल का बिना रिफाइंड किया हुआ प्राकृतिक रूप ब्राउन राइस है। सफेद चावल की पालिशिंग की जाती है, जिससे पोषक तत्व काफी हद तक कम हो जाते हैं। इसमें फास्फोरस, कैल्शियम, सेलेनियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज और पोटेशियम के साथ-साथ आयरन और जिंक की अच्छी मात्रा होती है।
ब्राउन राइस को लेकर कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। लंबे समय के लिए पकाया हुआ ब्राउस राइस न रखें और इसे एक बार से ज्यादा गर्म न करें। इस बात का ध्यान रखें कि ब्राउन राइस की बाहरी फाइबर की परत के कारण इसे पकने में सफेद चावल की तुलना में ज्यादा समय और ज्यादा पानी की जरूरत होती है। लंबे समय तक इसे स्टोर न करें क्योंकि ऐसा करने से प्राकृतिक तेल की क्षमता कम हो जाती है। इसे कमरे के तापमान पर छह महीने के लिए एयरटाइट कंटेनर में स्टोर कर सकते हैं।
दिल की सेहत के लिए – स्वस्थ दिल के लिए ब्राउन राइस अत्यधिक फायदेमंद है। दिल का दौरा या दिल की बीमारियां रक्त धमनियों में जमा हो रहे प्लाक के कारण होती है। ब्राउन राइस दिल से संबंधित विकारों से बचाव करता है।
कोलेस्ट्राल कम करता है – ब्राउन राइस का सेवन करने से कोलेस्ट्राल कम होता है। यह अनचाहे फैट को शरीर के आंतरिक हिस्सों में जमने से रोकता है। यह घुलनशील फाइबर का स्त्रोत है, जो बैड कोलेस्ट्रल को कम करने में मदद करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी बढ़ाता है।
डायबिटीज के जोखिम को कम करता है – सफेद चावल में शर्करा की मात्रा ज्यादा होती है और इसके कारण डायबिटीज के मरीज इसे खाने से कतराते हैं। लेकिन इसका बेहतरीन विकल्प ब्राउन राइस है, जिसके सेवन से रक्त में शर्करा का स्तर नहीं बढ़ता है। ब्राउन राइस का ग्लासेमिक इंडेक्स बहुत ही कम होता है और धीरे पचता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर कम रहने में मदद मिलती है। रक्त शर्करा के अचानक उतार-चढ़ाव से भी बचाता है।
वजन कम करता है – जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए ब्राउन राइस एक शानदार विकल्प है। इसमें उच्च मात्रा में फाइबर होता है, जिससे पेट भरा रहता है और बार-बार खाने से बच जाते हैं जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।
हड्डियों के लिए बड़े काम का – हड्डियों को मजबूत बनाने में ब्राउन राइस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसमें उच्च मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है। एक कप ब्राउन राइस में 21 प्रतिशत मैग्नीशियम होता है। मैग्नीशियम की कमी के कारण हड्डियों के घनत्व में कमी आ सकती है और ऑस्टियोपोरोसिस व गठिया जैसे रोग हो सकते हैं। इसमें विटामिन डी और कैल्शियम भी होता है जो हड्डियों के विकास के लिए आवश्यक है।
कैंसर से सुरक्षा – ब्राउन राइस के सेवन से ल्यूकेमिया, ब्रेस्ट कैंसर, कोलोन कैंसर और अन्य प्रकार के कैंसर से शरीर की सुरक्षा होती है। इसमें उच्च मात्रा में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट लाभ पहुंचाते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज ब्रेस्ट कैंसर और अन्य हार्माेन संबंधित कैंसर के खिलाफ सुरक्षा करते हैं।
पाचन शक्ति में सुधार – ब्राउन राइस पाचन के लिए अच्छा है। इसमें अघुलनशील फाइबर पाया जाता है जो पाचन क्रिया में सुधार लाता है। इसके सेवन से कब्ज और बवासीर जैसे रोग से बचाव होता है। इसमें मौजूद मैंगनीज वसा के पाचन में मददगार है।


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