समाचार सच, देहरादून। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में आज कैबिनेट की पहली पूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें जनकल्याण और विकास को गति देने वाले 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सरकार के इन फैसलों से प्रशासनिक सुधार, रोजगार सृजन, ऊर्जा राहत और न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत देते हुए ई-व्हीकल खरीद पर ब्याज में छूट देने और 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन नॉमिनल ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। साथ ही ऊर्जा विभाग के तहत चल रही फ्री बिजली योजना में पारदर्शिता लाने के लिए सब्सिडी-वसूली एक्ट को मंजूरी दी गई, जिससे लाभ सही पात्रों तक पहुंचेगा।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में वन विभाग के प्रमुख पदों के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष कर दी गई है, जिससे योग्य अधिकारियों को तेजी से अवसर मिल सकेंगे। लोक निर्माण विभाग में 1 करोड़ रुपये से अधिक की कंसल्टेंसी को स्वीकृति देने का निर्णय भी विकास कार्यों में तेजी लाने वाला माना जा रहा है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से जुड़े प्रीमियम पर प्रस्तुति दी गई, जबकि गृह विभाग में 2025 की नई नियमावली को लागू करने की अनुमति दी गई। उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नई नियमावली को भी मंजूरी मिली है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति को हरी झंडी दी गई है।
रोजगार और किसानों के लिए विशेष कदम
सरकार ने युवाओं और पूर्व सैनिकों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और वीर उद्यमी योजना में 10ः लक्ष्य आरक्षित करने का फैसला किया है। पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को अतिरिक्त 5ः सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तहत 2.2 लाख मैट्रिक टन खाद्यान्न का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही गेहूं और धान खरीद पर केंद्र सरकार के बराबर मंडी शुल्क राज्य सरकार द्वारा दिए जाने का निर्णय किसानों के लिए राहतकारी कदम माना जा रहा है।
शिक्षा और प्रशासन में सुधार
माध्यमिक शिक्षा विभाग में एडेड स्कूलों की स्थिति के अध्ययन के लिए उपसमिति गठित की जाएगी। नियोजन विभाग के अंतर्गत सेतु आयोग से जुड़े तकनीकी सुधारों को भी मंजूरी दी गई है। पंचम विधानसभा सत्रावसान को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
कार्मिकों को मिला दूसरा अवसर
कैबिनेट ने पुलिस, पीएसी, अग्निशमन और प्लाटून समेत विभिन्न विभागों में सिपाही और उपनिरीक्षक पदों के लिए आयु सीमा में छूट के बाद छूटे अभ्यर्थियों को दोबारा मौका देने का निर्णय लिया है, जिससे युवाओं में नई उम्मीद जगी है।



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