आपदा प्रभावितों की सलाह के आधार पर तैयार किया जा रहा विस्थापन व पुनर्वास का पैकेज : अजेंद्र अजय

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Displacement and rehabilitation package being prepared on the basis of advice of disaster affected people: Ajendra Ajay

समाचार सच, देहरादून। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष और जोशीमठ आपदा के पर्यवेक्षण के लिए मुख्यमंत्री के विशेष प्रतिनिधि अजेंद्र अजय ने कहा कि पहली बार आपदा प्रभावितों की सलाह और सुझाव के आधार पर विस्थापन व पुनर्वास का पैकेज तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जोशीमठ को लेकर शासन स्तर पर गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) द्वारा सोमवार को आयोजित बैठक में प्रभावितों के लिए संस्तुत किया गया पैकेज अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ आपदा पैकेज है। कुछ लोग दुष्प्रचार का सहारा लेकर चारधाम यात्रा में बाधा पैदा करना चाहते हैं।

एचपीसी की बैठक में शामिल रहे अजेंद्र ने कहा कि प्रभावितों के पैकेज तैयार करने से पूर्व चमोली के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की एक समिति गठित की गई थी। समिति के सुझावों को जिला प्रशासन द्वारा शासन को भेजा गया था। शासन में एचपीसी ने स्थानीय जनप्रतिनधियों व प्रभावितों की ओर से प्राप्त सुझावों पर अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा की यह पहली बार है जब आपदा प्रभावितों की ओर से प्राप्त सुझावों के आधार पर विस्थापन व पुनर्वास का पैकेज तैयार किया जा रहा है। जोशीमठ के लिए घोषित पैकेज इससे पहले प्रदेश में आई किसी भी आपदा में नहीं मिला।

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उन्होंने कहा की यह धामी सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता ही है कि प्रभावितों के लिए तेजी के साथ तात्कालिक राहत पहुंचाई गई। प्रभावितों के अस्थायी आवास, भोजन, चिकित्सा सुविधा हो या ठंड से बचाव के लिए हीटर, ब्लोवर, इलेक्ट्रिक केटल, अलाव आदि की व्यवस्थाएं युद्धस्तर पर सुनिश्चित की गईं। एक भी प्रभावित को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी गई। इसके विपरीत केदारनाथ आपदा के समय प्रभावितों को सर छुपाने के लिए दर- दर की ठोकरें कहानी पड़ी थीं।

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अजेंद्र ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावितों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रख कर कार्य कर रही है। जोशीमठ को लेकर विषेशज्ञों की रिपोर्ट मिलते ही विस्थापन व पुनर्वास के कार्यों के साथ नगर के संरक्षण व उपचार के कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रभावितों को भ्रमित कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग प्रभावितो के हितैषी नहीं हो सकते हैं। ये लोग दुष्प्रचार का सहारा लेकर भय व दहशत का वातावरण तैयार कर चारधाम यात्रा में बाधा पैदा करना चाहते हैं। ऐसे लोग प्रदेश के बाहर यह सन्देश देना चाहते हैं कि उत्तराखंड में सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ है। उसमें किसी प्रकार की बाधा पैदा नहीं होने दी जाएगी।

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