रात को सोते समय पैरों में होने वाले दर्द और बेचैनी को ना करें नजरअंदाज, हो सकते हैं इन बीमारियों के संकेत

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। सोते समय हमारा बॉडी और माइंड दोनों ही रिलेक्स होना चाहिए। ऐसा इसलिए अगर इन दोनों में से एक भी डिस्टर्ब होता है तो हमें इसके लक्षण अपने शरीर में नजर आते हैं। जैसे कि सोते समय पैरों में बेचैनी, ऐंठन और दर्द। दरअसल, सोते समय पैरों में बेचैनी और ऐंठन के पीछे दिन भर की थकान और ज्यादा भागदौड़ करना हो सकता है। जिससे हम अगले दिन आराम करके छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन तब क्या जब सोते समय रोज आपके पैरों में ऐंठन, दर्द और जलन महसूस हो। ये दो कारणों से हो सकता है। पहले कि आपके शरीर में विटामिन बी, आयरन और इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो। दूसरा ये तब होता है जब आपको कोई बीमारी हो। जी हां, सोते समय पैरों में ऐंठन होना कुछ बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं। जैसे कि –

डायबिटीज के कारण
सोते समय पैरों में ऐंठन होना डायबिटीज के कारण भी हो सकता है। दरअसल, डायबिटीज के मरीजों में हाई ब्लड शुगर के कारण ब्लड वेसेल्स और नर्व्स धीमा पड़ जाते हैं। इसके अलावा धीमे-धीमे कुछ नर्व्स मरने लगते हैं। इस स्थिति में डायबिटीज के मरीजों के पैरों में बेचौनी और दर्द रहता है। रात के समय ये बेचौनी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में अगर आपको रोज रात में पैर दर्द होता है या नसों में बेचैनी लगती है तो ये बार अपना डायबिटीज टेस्ट जरूर करवा लें।

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पेरिफेरल न्यूरल डिजीज के कारण
पेरिफेरल न्यूरल डिजीज में नसे कई तरह से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। ये किसी दुर्घटना, गिरने या खेल से चोट लगने से नसों में खिंचाव, अंकड़न, क्रश या कट के कारण भी हो सकता है। इससे भी लोगों को सोते समय पैरों में दर्द और ऐंठन महसूस होती है। इसके अलावा डायबिटीज, गुइलेन-बैरे सिंड्रोम और कार्पल टनल सिंड्रोम और सोजोग्रेन सिंड्रोम सहित कई ऑटोइम्यून रोगों में भी ये समस्या होती है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षण
सोते समय पैरों में ऐंठनहोना ऑस्टियोआर्थराइटिस का लक्षण भी हो सकता है। जरअसल, ये एक डिजेनरेटिव डिजीज है जिसके लक्षण समय के साथ बढ़ते हुए नजर आ सकते हैं। इसमें जोड़ों की हड्डी पर चढ़ी कार्टिलेज की परत खराब होते लगती है और हड्डियां रफ हो जाती हैं। इस कारण रात में सोते समय पैरों में अलग सी बेचौनी, दर्द और ऐंठन महसूस हो सकती है।

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पार्किंसन रोग के लक्षण
पार्किंसन रोग एक जेनेटिक बीमारी है। इस बीमारी में शरीर के मोटर नर्व से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं और ये हाथ और पैरों सहित शरीर के कई हिस्सों को धीमे-धीमे प्रभावित करता है। जब इस बीमारी की शुरुआत होती है तो आपको सोते समय पैरों में ऐंठन, कंपन और बेचैनी महसूस हो सकती है। वहीं, कुछ लोगों में ये हाथों में भी होता है। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर की मदद लें।

हाई बीपी के कारण
जिन लोगों में हाई बीपी की समस्या होती है उनमें सोते समय पैरों में ऐंठन और दर्द की समस्या हो सकती है। दरअसल, हाई बीपी के कारण पैरों का ब्लड सर्कुलेशन बड़ी तेजी से हो रहा होता है जिससे हमें ऐंठन और बेचौनी महसूस होती है। तो, अगर आपको रेगुलर पैरों में दर्द और ऐंठन महसूस हो रहा हो तो अपने डॉक्टर को जरूर दिखाएं। अगर आपको इनमें से कोई बीमारी नहीं भी होती तो ये इस कारण हो रहा है इसका वो सही वजह बताएंगे और इसका इलाज करेंगे। पर घर पर और घरेलू उपायों की मदद से इसे नजरअंदाज ना करें।

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