उत्तराखण्ड में फर्जी डीएम साहब गिरफ्तार, बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर कर रहा ठगी

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समाचार सच, हरिद्वार। उत्तराखण्ड के हरिद्वार में पुलिस ने एक फर्जी डीएम साहब को गिरफ्तार किया है। आरोपी कभी डीएम तो कभी समीक्षा अधिकारी बताकर बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर ठगने का कार्य कर रहा था। आरोपी के तीन साथी फरार है, जिनकी पुलिस तलाश में जुटी है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर 70 लाख की धोखाधड़ी का आरोप है। ज्वालापुर और रानीपुर कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार 21 सितंबर को ज्वालापुर कोतवाली में खन्नानगर निवासी चेतना अरोड़ा ने केस दर्ज कराया था। उसने बताया कि निहार कर्णवाल निवासी खन्नानगर ने खुद को डीएम और पीडब्ल्यूडी अधिकारी बताकर चेतना से धोखाधड़ी की। उसने एसडीएम के पद पर जॉब लगवाने के एवज में 70 लाख रुपये मांगे। पीड़ित के पास इतनी बड़ी रकम नहीं थी। तब निहार कर्णवाल ने अपने साथी निशांत कुमार और अन्य के साथ मिलकर धोखाधड़ी कर उसके भाई का मकान हड़प लिया। मामले की जांच चल ही रही थी कि इसी दौरान निहार के खिलाफ एक युवती ने शादी और नौकरी का झांसा देकर उसके माता-पिता से प्लॉट और कार हड़पने का केस दर्ज करा दिया।

युवती ने निहार कर्णवाल पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का भी आरोप लगाया। केस दर्ज होने पर आरोपी भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। निहार कर्णवाल के तीन साथियों निशांत कुमार गुप्ता, निखिल बेनीवाल, मेमकिला की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी गैंग बनाकर काम करते थे और बेरोजगार युवक-युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उनसे ठगी किया करते थे। निहार खुद को डीएम बताता था, जबकि उसके लिए गाड़ियों और गनर का इंतजाम निशांत करता था। फिलहाल आरोपी निहार पुलिस की गिरफ्त में है, उससे पूछताछ की जा रही है। आरोपी निहार के पिता राजेंद्र कर्णवाल ने बीते करीब दो सप्ताह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। चर्चाएं थीं कि आरोपी की करतूत से परेशान होकर पिता ने आत्महत्या की है।

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