False utensils are left in the sink after dinner, harmful according to Vastu and Astrology
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। रात में झूठे बर्तन क्यों नहीं रखना चाहिए? घर में झूठे बर्तन किस को दावत देते हैं? कई घरों में रात में भोजन करने के बाद जूठे बर्तनों को सिंक में ही छोड़ दिया जाता है और उन बर्तनों को सुबह धोया जाता है। परंतु यह आदत वास्तु और ज्योतिष के अनुसार नुकसानदायक हो सकती है।
- शास्त्रों के अनुसार शाम को या रात में भोजन करने के बाद बर्तन बिना धोए सो जाते हैं तो दरिद्रता का वास होकर धन का नाश होता है। आर्थिक तंगी से पूरा घर परेशान रहता है।
- कहते हैं कि बर्तन में माता लक्ष्मी का वास होता है। भोजन करने के बाद उन्हें बिना धोए नहीं रखना चाहिए। दरअसल, पहले के जमाने में बर्तन पीतल और तांबे के होते थे। अमीर लोग चांदी के बर्तन में भोजन करते थे। यह तीनों ही धातु को पवित्र माना गया है। बर्तन नहीं धोने से गरीबी मंडराने लगती है।
- मान्यता है कि जिस घर के लोग प्रतिदिन रात के बर्तनों को बिना धोए सो जाते हैं उस घर के अमीर लोग भी एक दिन गरीब बन जाते हैं।
- बर्तनों को जूठा ही छोड़ देने के कारण वास्तु दोष भी निर्मित हो जाता है।
- परिवार के लोगों की उन्नति या प्रगति रुक जाती है।
- रात्रि में जूठे बर्तन छोड़ने से घर में रोग या बीमारी का वास हो जाता है।
- ज्योतिषशास्त्र में ऐसा माना गया है कि रात के वक्घ्त किचन में जूठे बर्तन छोड़ने से राहु केतु का अशुभ प्रभाव हमारे घर के ऊपर पड़ता है और घर में कंगाली आने लगती है।
- इसीलिए न तो थाली में कभी जूठन न छोड़ें, न ही थाली में हाथ धोएं और न ही रात्रि में बर्तनों को जूठा छोड़ें।
- रात्रि में भोजन के जूठे बर्तन घर में रखने से घर के सदस्यों के बीच मन मुटाव होता है।
- रात में बर्तन जूठे छोड़ने से घर की सुख और शांति पर भी इसका बुरा असर पड़ता है।
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