शास्त्रों के अनुसार सोने का सही तरीका भी रखता है सेहत से गहरा संबंध

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। नींद हमारी दिनचर्या का एक जरूरी अंग है। पर क्या आपको पता है कि हिंदू शास्त्रों के अनुसार, सोने का भी सही और गलत तरीका होता है। शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि आपका बिस्तर कैसा होना चाहिए। सोने का मतलब केवल नींद लेना नहीं है, बल्कि इसका गहरा संबंध हमारी सेहत से भी होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार सोने का सही तरीका क्या है।

क्या है सोने की सही दिशा
सोते समय दिशा का ध्यान जरूर रखना चाहिए। सोते समय आप अपना सिर पूर्व दिशा में रख सकते हैं। ऐसे में इस दिशा में सिर करके सोने से ज्ञान में वृद्धि होती है। वहीं, दक्षिण दिशा की ओर भी सिर करके सोया जा सकता है। लेकिन कभी भी दक्षिण और पूर्व दिशा की ओर पैर करके नहीं सोना चाहिए, क्योंकि इससे व्यक्ति के मन में नकारात्मकता बढ़ती है।

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इन बातों का भी रखें ध्यान
शास्त्रों के अनुसार, हमेशा साफ-सुथरे बिस्तर पर ही सोएं। इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि जिस बिस्तर पर आप सोते हैं उस पर बैठकर खाना कभी नहीं खाना चाहिए।

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सोने का सही समय
शास्त्रों के अनुसार, रात में 9 से 10 बजे के बीच हर व्यक्ति सो जाना चाहिए। साथ ही संध्या के समय सोना बिलकुल भी शुभ नहीं माना गया। सोते समय इस बात का भी ख्याल रखें कि, आपका सिर दीवार से तीन हाथ की दूरी पर होना चाहिए।

बिस्तर छोड़ेने का नियम
शास्त्रों के अनुसार, सुबह उठते समय बिस्तर छोड़ना पहले झुककर धरती को प्रणाम करें और उसके बाद जमीन पर पैर रखें। इस आदत को अपनाने से व्यक्ति को सेहत में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं।

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