हेलो! मैं पुलिस इंस्पेक्टर बोल रहा हूं, आपका बेटा जेल जा रहा है… इस तरह की कॉल आए तो घबराए नहीं, साइबर ठगों ने बदला ठगी का ट्रेंड

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समाचार सच। हेलो मैं पुलिस इंस्पेक्टर बोल रहा हूं…आपका बेटा जेल जा रहा है। गलत संगत में पड़ चुका है, ये पकड़ा गया है…। जी हां, मोबाइल पर कुछ इस तरह की कॉल आ रही हैं…आप ऐसी कॉल से घबराए नहीं पहले अपने बेटे के बारे में जांच-परख लें। तभी कॉल करने वाले की बात पर ध्यान दें। बता दें कि अब साइबर ठगों ने ठगी करने का ट्रेंट बदल कर इस तरह से लोगों ठग रहे हैं और साइबर क्राइम सेल में इस तरह की ठगी वाले मामलों की संख्या सर्वाधिक है। लोग अपने बेटे या अन्य परिजन का कुछ पता लगाए बगैर अचानक घबरा जाते हैं और संबंधित ठगों को मुंह मांगी रकम गूगल-पे या अन्य माध्यम से उनके खाते में ट्रांसफर कर दे रहे हैं।

इसी तरह का एक मामला अभी उत्तराखण्ड के रुड़की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र से सामने आया है। यहां कमेलपुर गांव निवासी कारोबारी गुलबहार भी ठगी के शिकार हुए हैं। इन्होंने ठग के खाते में गूगल-पे करने के बाद साइबर क्राइम सेल पहुंचकर घटना बताई। उन्होंने तहरीर देते हुए बताया कि उनका बेटा राजस्थान के कोटा में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। गुलबहार ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर एक फोन आया था और फोन करने वाले ने खुद को राजस्थान के कोटा स्थित एक थाने का पुलिस अधिकारी बताया। फोन पर बातचीत के दौरान उसने बताया कि कोटा में कोचिंग करने वाले उनके बेटे को एक मामले में गिरफ्तार किया गया है और उनके बेटे को जेल भेजने की तैयारी है। जिसके बाद उसने फोन काट दिया। वहीं कारोबारी इतना सुनते ही घबरा गए।

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वहीं कुछ देर बाद कारोबारी के पास एक वीडियो कॉल आया, वीडियो कॉल करने पर एक पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहने व्यक्ति ने उन्हें कहा कि वह अपने बेटे को बचाना चाहते हैं तो तुरंत एक लाख रुपये की रकम खाते में डाल दें। वहीं फर्जी इंस्पेक्टर ने कारोबारी को इस कदर डरा दिया कि वह अपने बेटे को फोन करना ही भूल गए। इसके बाद कारोबारी के व्हाट्सएप पर फर्जी इंस्पेक्टर ने दो बैंक खाता नंबर भेजे और इन दोनों खातों में एक लाख रुपये जमा कराने को कहा गया। इसके बाद डरे सहमे कारोबारी ने बिना देर किए ही दोनों खातों में 50-50 हजार रुपये डाल दिए। जिसके बाद अपने भाई अखलाक को कारोबारी ने मामले की जानकारी दी। अखलाक ने अपने भतीजे को फोन किया, भतीजे ने बताया कि वह अपने कमरे में बैठा हुआ है। इसके बाद कारोबारी को अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ।

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इसके बाद पीड़ित ने गंगनहर कोतवाली पहुंच कर मामले में तहरीर दी है। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की छानबीन में जुट गई है। गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है, उन्होंने कहा कि लोगों को इस तरह की कॉल से बचने की जरूरत है।
सावधानः पुलिस अधिकारी बनकर कर रहे हैं फोन, पापा, मुझे बचा लो…कहे तो पहले अपने बेटे या बेटी से संपर्क करो, नहीं तो ठगे जाओगे।

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