समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। घर में हर एक वस्तु किस दिशा में और किस स्थान पर होनी चाहिए इसका वर्णन वास्तु शास्त्र में मिलता है। ऐसा माना जाता है कि वास्तु के अनुसार चीजें न रखी जाएं तो न सिर्फ वास्तु दोष उत्पन्न होता है बल्कि इसका दुष्प्रभाव घर और घर के सदस्यों पर भी पड़ता है। ऐसे में घर में हर एक चीज को रखते समय वास्तु के नियमों का ध्यान रखना चाहिए ताकि शुभ फलों की प्राप्ति हो सके। इसी कड़ी में आज हम ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से जानेंगे कि घर की किस दिशा में रखनी चाहिए अचार की बरनी और किस दिशा में अचार रखने से बचना चाहिए।
घर में कहां रखें अचार या अचार की बरनी?
पहले के समय में अचार बरनियों में भरकर रखा जाता था। हालांकि अब कांच के डिब्बे का इस्तेमाल किया जाता है या फिर लोग प्लास्टिक के डिब्बे में भी अचार भर कर रख लेते हैं। सबसे पहले तो यह समझना जरूरी है कि अचार हमेशा कांच की बरनी या डिब्बे में ही रखना चाहिए।
- ऐसा इसलिए क्योंकि कांच के बर्तनों को अनाज रखने के लिए शास्त्रों में शुद्ध बताया गया है जबकि प्लास्टिक को अशुद्ध और अपवित्र धातु माना जाता है। इसके अलावा, यह भी जरूरी है कि अचार किस दिशा (वास्तु में क्या है दिशाओं का महत्व) में रखना चाहिए। असल में अचार को खटास का प्रतीक माना जाता है।
- ऐसे में अगर अचार घर में गलत दिशा में रखा हो तो इससे पारिवारिक रिश्तों पर बुरा असर पड़ता है। घर के सदस्यों के बीच कलह का वातावरण पैदा होता है और रिश्तों में दरार पड़ने लग जाती है। इसलिए घर में अचार या अचार की बरनी उत्तर-पश्चिम दिशा (वायव्य कोण) में रखनी चाहिए।
- उत्तर दिशा बुध ग्रह की होती है। वहीं, पश्चिम दिशा शनि ग्रह की होती है। ऐसे में उत्तर-पश्चिम दिशा में शनि और बुध दोनों का मिलाजुला प्रभाव माना जाता है। इस दिशा में अचार रखने से परिवार में कभी भी क्लेश उत्पन्न नहीं होता हिया उर पारिवारिक शांति भी बनी रहती है।
नोट: हमारे द्वारा दी गयी जानकारी के माध्यम से आप यह जान सकते हैं कि आखिर घर की किस दिशा में रखनी चाहिए अचार की बरनी और किस दिशा में रखने से इसे बचना चाहिए। (साभार:हरजिंदगी)


सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



