रामनवमी कैसे मनाई जाती है?

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में नवरात्रि की नवमी को रामनवमी कहते हैं। इस दिन दशरथ पुत्र प्रभु श्री राम का जन्म हुआ है। इसे राम जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस बार 10 अप्रैल 2022 रविवार को राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा।

  1. रामनवमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लेकर प्रभु श्री राम के बालरूप की पूजा की जाती है।
  2. बालक रामलला को झुले में विराजमान करके, झुले को सजाया जाता है और दिन में 12 बजे के आसपास उनकी पूजा की जाती है।
  3. ताबें के कलश में आम के पत्ते, नरियल, पान आदि रखकर चावल का ढेर पर कलश स्थापित करते हैं और उस के आसपास चौमुखी दीपक जलाते हैं।
  4. फिर श्री राम को खीर, फल, मिष्ठान, पंचामृत, कमल, तुलसी और फूल माला अर्पित करते हैं। नैवद्य अर्पित करने के बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। इस दिन पंचामृत के साथ ही पीसे हुए धनिये में गुड़ या शक्कर मिलाकर प्रसाद बनाकर बांटते हैं।

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