समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हमारी शारीरिक गतिविधियां कम होने से हमारे शरीर में अन्य बीमारियां घर कर जाती हैं जैसे दमा, सांस लेने में तकलीफ, जोड़ो- घुटनों में दर्द, मांसपेशियों में अकड़न आदि अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं में एक है सर्विकल स्पॉन्डिलाइसिस। यह गर्दन पर अगर ध्यान न दिया जाए तो यह जिंदगी भर परेशान करता है। आकाश हेल्थकेयर के ऑर्थोपेडिक कहते हैं कि यह उम्र से जुड़ा एक विकार है, जो बढ़ती उम्र के साथ बढ़ता जाता है, लेकिन कम्प्यूटर पर लगातार काम करने, खराब पोश्चर के साथ मोबाइल फोन का निरन्तर इस्तेमाल, गर्दन झुकाकर काम करने, मोटे तकिये के इस्तेमाल की वजह से कम उम्र में यह विकास पैदा होने लगा है।
कैसे करें मैनेज – गर्दन की नियमित कसरत, दवाओं और सिंकाई के जरिये सर्विकल स्पॉन्डिलाइटिस को मैनेज किया जा सकता हैं चूंकि इस मौसम में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं तथा पानी भी कम हो जाती हैं तथा पानी भी कम पिया जाता है, ऐसे में गर्दन की मांसपेशियों में कठोरता आ जाती है। शुरूआत में इस परिस्थिति को गरदन की सामान्य कसरत के जनिये रोका जा सकता है। ध्यान रखें गंभीर स्पॉन्डिलाइसिस से जूझ रहे लोगों को तत्काल कसरत नहीं करनी चाहिए, बल्कि उन्हें पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चािहए। साथ ही कॉलर पहनना चाहिए।
डॉक्टर कहते हैं इसके शुरूआती लक्षणों को अनदेखा करते हैं, उन्हें पैरालिसिस की स्थिति का सामना तक करना पड़ सकता है। कम्प्यूटर और देर तक मोबाइल फोन पर चिपके रहने वाले लोग इस स्थिति से बचने के लिए नियमित कसरत का सहारा लेकर इस स्थिति से बच सकते हैं।


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