कैसे करें पहचान आपको यूरिक एसिड है या नहीं?

खबर शेयर करें

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। यूरिक एसिड आम बीमारी की तरह ही शरीर में शुरू होती है और धीरे-धीरे घातक बनती चली जाती है। ज्यादातर केस में यही देखा गया है कि मरीज डॉक्टर के पास तब पहुंचते है जब यूरिक एसिड का लेवल शरीर में काफी हद तक बढ़ गया होता है। लेकिन, इसके कुछ लक्षण है जिससे आप इसे घर पर ही पहचान सकते है।
तो घर में बैठे ही करें इसकी पहचान

  • अगर आपको उठने-बैठने में परेशानी हो रही है
  • हमेशा जोड़ों में दर्द रहता है,
  • उंगलियां सूज गई हैं
  • जोड़ों में गांठ की शिकायत रहती है
  • पैरों और हाथों की उंगलियों में चुभन होता है और दर्द असहनीय हो जाता है,
  • आप कुछ भी काम करें तो जल्दी थक जा रहे हैं
    अगर ऐसे कोई भी लक्षण आपको दिखते हैं तो नजरअंदाज बिल्कुल भी न करें। फौरन आस-पास के डॉक्टर से संपर्क करें। ये यूरिक एसिड के बढ़नें के लक्षण है।
    यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य कारण
  • सही खान-पान और लाइफस्टाइल नहीं होने के कारण यह बीमारी बढ़ता चला जाता है।
  • डायबिटीज के मरीज में अक्सर ऐसे लक्षण देखे जाते है। डायबिटीज की दवाएं भी यूरिक एसिड को बढ़ाती है।
  • जबरदस्ती एक्सरसाइज करने या फिर वजन कम करने के चक्कर में भी कई बार यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है।
  • ब्लड प्रेशर की दवाएं, पेन किलर्स और कैंसर रोधी दवाएं खाने से भी यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है।
  • रेड मीट, सी फूड, दाल, राजमा, मशरूम, गोभी, टमाटर, मटर, पनीर, भिंडी, अरबी और चावल खाने से भी यह बढ़ सकता है।
  • भोजन में प्यूरिन प्रोटीन लेने से भी यूरिक एसिड के लेवल को बढ़ाता है।
  • व्रत रखते हैं उनमें भी अस्थायी रूप से इसकी मात्रा बढ़ सकती है
  • कई केस में देखा गया है कि यूरिक एसिड का लेवल जबरदस्ती एक्सरसाइज करने या फिर वजन कम करने के चक्कर में।
  • अगर आप ब्लड प्रेशर की दवाएं, पेन किलर्स और कैंसर रोधी दवाएं खाते है तो भी यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने की काफी संभावनाएं होती है।
    बढ़े यूरिक एसिड से कौन सी बीमारी का खतरा
    यूरिक एसिड के बढ़ने से जोड़ों में दर्द और शरीर के विभिन्न हिस्सों में सूजन की समस्या होने लगती है। दरअसल, बढ़ा हुआ यूरिक एसिड किडनी से फिल्टर होकर शरीर से बाहर नहीं निकल पाता है, जिसके कारण यह हड्डियों तक पहुंच कर उसे कमजोर और जोड़ों में असहनीय दर्द का कारण बन जाता है। जिसके वजह से सूजन हो जाता है और किडनी के भी खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।
Ad Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440