हल्द्वानी में सड़क चौड़ीकरण को लेकर हरे-भरे पेड़ों पर चलती है आरी तो कांग्रेस करेगी आंदोलन, डीएम को दिया ज्ञापन

खबर शेयर करें

समाचार सच, हल्द्वानी। महानगर हल्द्वानी की सड़कों की चौड़ीकरण कार्यवाही के चलते जिला प्रशासन द्वारा करीब चार दर्जन हरे भरे पेड़ों का कटान होने जा रहा है। जिसको लेकर कांग्रेस में गहरा रोष व्याप्त है। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित कर चेतावनी दी है कि अगर हरे-भरे पेड़ों का कटान किया जाता है तो कांग्रेस आंदोलन करने को बाध्य होगी।

डीएम को दिए गए ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि काठगोदाम रेलवे स्टेशन, नारीमन चौराहा स्थित नैनीताल मुख्य मार्ग में सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है और सड़क किनारे स्थित वर्षाे पुराने वृक्षों का वन विभाग द्वारा पातन करने के लिए निशान भी लगा दिये गये है। जिसको लेकर जनता में भारी आक्रोश है।

ज्ञापन में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर इन विशालकाय वृक्षों का काटा जाना एक अनुचित निर्णय हैं। उनका कहना है कि पूर्व में भी उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड द्वारा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आदेश सरकार को दिया गया है। इसके विपरीत बिना उचित योजना बनाये प्रशासन आनन फानन में कार्य करने को आतुर हैं। जबकि रेलवे स्टेशन, नारीमन चौराहा जहां टैफ्रिक जाम की स्थिति रहती हैं वहां पर प्रशासन ने कुशल यातायात प्रबन्धन व अन्य विकल्प के माध्यम से समस्या का निदान करना चाहिए। इसके लिए विदेशों की तर्ज पर प्रशासन ने तैयार की गयी रूपरेखा से जनता को अवगत कराना चाहिए और इस पर जनता से सुझाव आंमत्रित किये जाने चाहिए ताकि जनआकांक्षाओं के अनुरूप विकास संपादित हो सके।

यह भी पढ़ें -   ८ मार्च २०२६ शनिवार का पंचांग, जानिए राशिफल में आज का दिन आपका कैसा रहेगा

ज्ञापन में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने आगे कहा कि प्रशासन द्वारा बड़े पेड़ों जैसे कि पाकड़, पीपल, नीम, सैमल, हल्दू आदि पेड़ों की शिफटिंग की बात कहीं जा रही है। जो कि प्रथम दृष्टया अव्यावहारिक व असफल प्रतीत होती हैै, क्यांेकि काठगोदाम क्षेत्र पहाड़ की तलहटी पर स्थित है और जिसकी मिट्टी पथरीली हैं जिसमें वृक्षों की जड़े फैली हुई है ऐसे में प्रश्न उठता है कि विशालकाय वृक्षों को मय जड़ सुरक्षित रूप से उत्खनन कैसे सम्भव होगा। प्रशासन स्पष्ट करें कि क्या पेड़ों की जड़ो की मिट्टी के स्वरूप की जांच करा ली गई हैं। क्या वनस्पति विशेषज्ञों द्वारा पेड़ो के सुरक्षित उत्खनन के लिए आख्या ले ली गई है और साथ ही विषय विशेषज्ञों द्वारा पेड़ स्थानांतरित किये जाने के बाद पेड़ जीवित/सुरक्षित रह पायेगें। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पेड़ो का प्रत्यारोपण यदि सफल नहीं हुआ तो इसमें होने वाले व्यय जो कि जनता की गाढ़ी कमाई है उसकी बरबादी होगी। प्रत्येक पहलू को मद्देनजर रखते हुए ही निर्णय लिया जाना उचित होगा।

यह भी पढ़ें -   लालकुआं के आँचल दुग्धशाला पहुंचा अंतरराष्ट्रीय दल, इंग्लैंड के प्रतिनिधियों ने देखी दुग्ध संयंत्र की कार्यप्रणाली

दीपक बल्यूटिया ने ज्ञापन में मांग की है कि प्रशासन द्वारा मार्ग चौड़ीकरण एवं वृक्षों के प्रत्यारोपण के रोडमैप की समस्त जांचों को आख्या सहित सार्वजनिक किया जाना चाहिए। सड़क चौड़ीकरण योजना कहां से कहां तक प्रस्तावित हैं इसकी पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी जायें क्योंकि यदि सड़क चौड़ीकरण रानीबाग तक ही है, तो इसका कदाचित लाभ प्रतीत नहीं होता क्योंकि आगे जाकर सड़क संकरी हो जायेगी जो फिर से एक जाम का नया स्थल बन जायेगा। इसलिए पूर्ण कार्ययोजना की रूपरेखा को जनपटल पर रखना उचित होगा और इसमें प्रतिनिधियों व जागरूक जनता को विश्वास में लेकर उनकी राय लेना उचित होगा। ज्ञापन में चेतावनी भी दी है कि अगर हरे-भरे पेड़ों का कटान किया जाता है तो कांग्रेस आंदोलन करने को बाध्य होगी।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440