If there is a planetary defect in the horoscope and if you also become ill every day? So this planet is responsible!
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। व्यक्ति की कुंडली में अगर ग्रह दोष है तो कई बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। हर ग्रह व्यक्ति को कुछ न कुछ बीमारी जरूर देता है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है तो निश्चित ही उसकी कुंडली में कोई अशुभ ग्रह बैठा है जिसके कारण वह बीमार है। आइए जानते हैं किस ग्रह की वजह से कौन सी बीमारी हो सकती है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।
सूर्य ग्रह
सूर्य ग्रह को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है। सभी ग्रहों को शक्ति सूर्य से ही मिलती है। यदि आपकी कुंडली में सूर्य का दोष है तो सूर्य के अशुभ प्रभाव से आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकतीं हैं। आपको हड्डियों की, आंखों की, हृदय रोग, पाचन तंत्र की और टीबी जैसे संबंधित रोग हो सकते हैं।
उपाय
कुंडली में सूर्यदेव की मजबूती के लिए रोजाना सूर्य भगवान को जल चढ़ाना चाहिए और तांबे के पात्र से जल पिएं।
चंद्र ग्रह
यदि कुंडली में चंद्र ग्रह कमजोर है तो चंद्रमा का नियंत्रण व्घ्यक्ति की सोच और मनोदशा पर होता है.इसके दोष के कारण खांसी-जुकाम, मानसिक बीमारी, डिप्रैशन, अनिद्रा घबराहट और बेचौनी जैसी बीमारी होती हैं।
उपाय
पूर्णिमा और एकादशी को व्रत रखें और सोमवार के दिन शिवजी की आराधना करनी चाहिए। आप चांदी का छल्ला भी धारण कर सकते हैं।
मंगल ग्रह
मंगल ग्रह का संबंध रक्त से होता है। कुंडली में मंगल के अशुभ होने पर व्यक्ति को हाई ब्लड प्रैशर, बुखार और त्वचा संबंधी बीमारियां होने लगती हैं।
उपाय
मंगल को मजबूत बनाने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी की आराधना करें और मंगलवार का व्रत करें। गुड़ का सेवन करें और लाल वस्त्र और लाल वस्तु का दान भी कर सकते हैं।
बुध ग्रह
बुध का संबंध व्घ्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता से होता है. बुध ग्रह के कमजोर होने पर नाक, कान, गले और त्वचा से जुड़ी बीमारियां होने लगती हैं.
उपाय
बुध ग्रह के दोष को दूर करने के लिए गाय को हरी घास खिलाना चाहिए। हर वक्घ्त अपने साथ कपूर, लौंग और इलाइची रखें। तुलसी के पत्तों का सेवन करें और गायत्री मंत्र के मंत्रों का जाप करें।
गुरु ग्रह
कुंडली में गुरु के कमजोर होने से मोटापे, हेपेटाइटिस, उदर से संबंधित रोग और पेट की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
उपाय
गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें। प्रातः काल सूर्य को हल्दी मिलाकर जल चढ़ाएं। सोने का छल्ला तर्जनी उंगली में धारण कर सकते हैं और रोजाना विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
शुक्र
शुक्र ग्रह संपन्नता और वैभव का कारक ग्रह है। इसके अशुभ होने पर यौन संबंधी समस्याएं और हार्मोंस में असंतुलन के कारण बीमारियां हो सकती हैं।


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