मानसिक तनाव दूर करना है तो हंस लें या फिर रो लें

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समाचार सच. स्वास्थ्य डेस्क। जीवन में हमेशा हंसते रहो। खुश रहो। क्योंकि हंसते रहने से आप भी खुश रहते हैं और आसपास रह रहे लोग भी। लोगों की राय मानें तो हंसने से बड़े से बड़ा तनाव दूर हो जाता हैं। तनाव दूर करने का सबसे बढ़िया माध्यम हंसी ही हैं। सुबह पार्क में टहलने वाले आजकल ठहाके लगाते दिख जाएंगे। कई लोग हंसने के लिए कामेडी फिल्म और सीरियल देखते हैं। लेकिन एक अध्ययन यह भी है कि हंसने से ज्यादा रोने से तनाव दूर होता हैं। किसी भी दुख और तनाव को अपने से दूर रखने के लिए रोना बहुत जरूरी हैं। जो लोग अपना दुख किसी से बांट नहीं पाते वे रोकर अपना मन हल्का कर लेते हैं। कई बार तनाव मनुष्य को अंदर ही अंदर खोखला कर देता हैं। ऐसी स्थिति तब आती हैं जब वह अकेला होता हैं और अपने तनाव को दूर करने की कोशिश भी नहीं करता। न्यूयार्क के कालेज में हुए एक अध्ययन के मुताबिक इंसान रोकर अपने सारे दुखों और तकलीफों को कम कर सकता हैं।
आंखों से आंसू बहना आपके मन के गुबार को खत्म कर आपके लिए सेफ्टी वाल्ब की तरह काम करता हैं। यह आपके तनाव और दर्द को काफी हद तक कम करता हैं। कई मनोवैज्ञानिकों और काउंसलरों की राय में रोने से आदमी परेशान नहीं होता बल्कि वह तनावमुक्त हो जाता हैं। और वह अच्छा सोचता हैं। रोने को लेकर भी शोधकर्ताओं की अलग.अलग राय है। पर काउंसलर की राय में रोना तनाव दूर करने का बेहतर इलाज हैं। कई लोग रोने को अपनी कमजोरी समझ बैठते हैं। लोग यह सोचते हैं अगर कोई मुझे रोता हुआ देख लेगा तो क्या सोचेगा? लेकिन जिंदगी में ऐसे कई हादसे होते हैं जिन्हें लेकर लोग जीवन भर तनाव में जीते रहते हैं। इसे कम करने का सिर्फ एक ही इलाज है, वह है रोना। कई लोग खुद को रोने वाले लोगों में शामिल नहीं करना चाहते, इसलिए भी नहीं रोते और अपने तनाव से लड़ते रहते हैं। कई बार लोग चाह कर भी अकेले में रो नहीं पाते क्योंकि वह परिवार के लोगों के बीच रह रहे होते हैं। ऐसे में रोकर वह सबको परेशान नहीं करना चाहते।
किसी को रोने के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता। आंसू तो अपने आप निकलते हैं पर कई बार ऐसा होता हैं कि लोग चाहते हैं रोना, पर उनकी आंखों से आंसू नहीं निकलते। अगर कोई व्यक्ति अपने तनाव और दुख को दबाता जाता है तो वह शारीरिक और मानसिक बीमारियों से ग्रस्त होता चला जाता हैं। कई देशों में लोगों को हंसाने के लिए सामूहिक आयोजन किया जाता हैं उसी तरह कई देश ऐसे हैं जहां रोने के लिए भावनात्मक रूप से समर्थन देने के लिए आयोजन किया जाता है। लोगों को रोने के लिए प्रेरित किया जाता है। तो अगर तनाव से मुक्त होना है तो चाहे हंस लें या फिर किसी कोने में बैठ कर रो लें। मन हल्का हो जाएगा।

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