समाचार सच, हल्द्वानी। 2017 में हल्द्वानी के एक कारोबारी के मर्डर केस में कोर्ट ने दो आरोपियों को सजा सुनाई है। इस मामले में एक 17 साल के नाबालिग को 18 साल की सजा सुनाई गई है और उसे 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मुख्य आरोपी तो पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
यह मामला 20 नवंबर 2017 को हुआ था, जब हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में बिजली कारोबारी विकास अग्रवाल की बकाया के लेनदेन को लेकर हत्या कर दी गई थी। विकास अग्रवाल का शव कमलुवागांजा भरतपुर क्षेत्र में मिला था। पुलिस ने जांच पड़ताल की और आरोपी तहसीम पर तमाम धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया। इसके बाद से तहसीम आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
बाद में पुलिस को पता चला कि रुपयों के लेनदेन के विवाद में एक 17 साल के नाबालिग गुलफाम भी शामिल था। हत्या के समय उसकी उम्र 17 साल थी और उसने बीस हजार रुपये के लालच में तहसीम का साथ दिया था। अदालत ने तहसीम को 2022 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तहसीम को सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर हत्या में साजिश करने का दोषी पाया गया। हालांकि, वारदात के समय उसकी उम्र नाबालिग थी और कानून के तहत नाबालिग को उम्र कैद की सजा नहीं दी जा सकती थी। इसलिए कोर्ट ने गुलफाम को 18 साल की सजा और 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440

















