योगी सरकार ने लिया देखभाल का जिम्मा, नाम रखा ‘गंगा’
समाचार सच, यूपी/गाजीपुर (एजेन्सी)। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बीते मंगलवार को गंगा में तैरते लकड़ी के बंद बक्से में लावारिस हालत एक मासूम बच्ची के मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लकड़ी के बक्से में बच्ची के साथ कई देवी-देवताओं का फोटो लगा हुआ था और उसमें उसकी जन्म कुंडली भी थी। लोगों की सूचना के पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल कर बच्ची को आशा ज्योति केंद्र भेज दिया है। इस मासूम बच्ची का पालन-पोषण का जिम्मा योगी सरकार ने लिया है। साथ ही इस मासूम बच्ची को गंगा नाम भी दे दिया है।
जानकारी के अनुसार गाजीपुर में गंगा नदी के ददरी घाट पर मंगलवार को मल्लाह गल्लू चौधरी ने बहता हुआ एक लकड़ी का डिब्बा देखा और तत्काल उसे बाहर निकाला। डिब्बा खोलने पर उसमें एक नवजात बच्ची मिली, साथ ही उसमें अगरबत्ती, माँ दुर्गा की मूर्ति और जन्म कुंडली के साथ एक पर्ची रखी थी। उस पर्ची पर लिखा हुआ था, “माँ गंगा को समर्पित, गंगा की बेटी।”
यह सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। पुलिस गुल्लू चौधरी से बच्ची को लेकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंची, जहां से डॉक्टरों ने उसकी हालत देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती किया। बच्ची को किसने बक्से में रख कर प्रवाहित किया इसकी जानकारी तो अभी तक नहीं हो पाई है लेकिन बच्ची फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है।
इधर सूचना पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि नवजात बच्ची के पालन-पोषण का खर्च सरकार वहन करेगी। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने अधिकारियों संग अस्पताल पहुंचकर बच्ची का हाल जाना और बताया कि बच्ची का भरण-पोषण सरकार करेगी। बच्ची का पालन-पोषण सरकारी खर्च पर चिल्ड्रेन होम में करने की बात कही गई है। बच्ची के पालन-पोषण में सभी विभागों को सहयोग देने का आदेश भी सीएम कार्यालय से दिया गया है। जिलाधिकारी ने मल्लाह गुल्लू चौधरी से भेंट कर उस बच्ची की जान बचाने के लिए उन्हें बधाई दी। चौधरी ने बच्ची को पालने की इच्छा जतायी थी। कलेक्टर ने इस काम के लिए चौधरी की सराहना की और उसे एक नयी नाव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

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