समाचार सच, नई दिल्ली (एजेन्सी)। देश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को अचानक कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़े बदले हैं। ऐसे में जहां प्रशासन और सरकार के खिलाफ कई सवाल खड़े हो गये हैं। आपकों बता दे कि बिहार सरकार द्वारा मौतों के आंकड़े में संशोधन किए जाने के बाद भारत में रोज होने वाली मौतों का भी रिकॉर्ड बदल गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अचानक 5,458 के आंकड़े को बदलकर 9,429 कर दिया। 8 जून तक के मौत के आंकड़े में 3243 की संख्या जोड़ दी गई। मौतों के आंकड़े छिपाने को लेकर भारत की दुनियाभर में बदनामी हो रही है। इधर सरकार ने भी माना है कि अभी मौत का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
देश और विदेश में मौकों के आंकड़े पर बहस छिड़ने के बाद बिहार की सरकार नए सिरे से आंकड़े पेश करने को विवश हो गई है। बिहार ने जब एक ही दिन में इतनी मौतें जोड़ दीं तो बुधवार का आंकड़ा भी बढ़कर 6148 हो गया। पहले सरकार की तरफ से जारी किए जाने आंकड़े कुछ और बता रहे थे और श्मशानों की हालत कुछ और बयां कर रही थी। इसके बाद न केवल बिहार सरकार बल्कि कई अन्य राज्य सरकारों पर सवाल उठाए गए। हालांकि अभी नीतीश सरकार ने ही सच स्वीकार किया है।
दरअसल सरकार उन्हीं मौतों को आंकड़े में शामिल कर रही थी जिनकी मौत या तो कोविड वॉर्ड में हुई है या फिर जिनका कोविड प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार किया गया। पटना की बात करें तो 7 जून तक यह संख्या 1223 बताई गई थी जिसे 8 जून को बढ़ाकर 2293 कर दी गई। राजधानी में कोरोना के आंकड़ों के साथ इस तरह छेड़छाड़ हुई तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब तक भारत में कोरोना से 359 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में अब तक 1 लाख 4 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। अप्रैल की शुरुआत से अब तक लगभग इस आंकड़े में 2 लाख मौतें जोड़ी जा चुकी हैं।
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