उत्तराखण्ड में रविवार को लागू कोविड कर्फ्यू का रहा मिलाजुला असर

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समाचार सच, नैनीताल/उधमसिंह नगर/हल्द्वानी (नीरू भल्ला/सुशील शर्मा)। कोरोना संक्रमण की तेजी से बढ़ती दूसरी लहर से उत्तराखंड में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। इसकी रोकथाम को सरकार कई अहम निर्णय भी ले रही है। बावजूद इसके स्थिति नियंत्रण होती नहीं दिख रही है। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए रविवार को लागू कोविड कर्फ्यू का मिलाजुला असर देखने को मिला। बाजार तो पूर्णतया बंद रहा। लेकिन आवाजाही बेरोकटोक चलती रही। कर्फ्यू के पालन को पुलिस की तैनाती भी नाम मात्र की रही।

कोरोना संक्रमण की तेजी से बढ़ती दूसरी लहर को रोकने के लिए रात्रि कर्फ्यू के बाद अब प्रत्येक रविवार कोविड कर्फ्यू लग चुका है। तर्क दिया जा रहा है कि यह कर्फ्यू कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने में कारगर सिद्घ होगा। सरकार की ओर से इस कर्फ्यू के आदेश 30 अप्रैल तक के लिए जारी किए गए हैं। साथ ही रात्रि कर्फ्यू का समय भी अब 9 बजे से प्रभावी हो गया है। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 18 अप्रैल (रविवार) को पहला कोविड कर्फ्यू रहा। जिसका महानगर में मिलाजुला असर देखने को मिला। कोविड कर्फ्यू में बाजार तो पूर्णरूप से बंद रहा। लेकिन आवाजाही बेरोकटोक होती रही।
हालांकि जरूरत के सामान के लिए प्रातः 7 से 9 बजे तक दुकानें खुली। लेकिन इसके बाद पुलिस-प्रशासन गश्त कर दुकानें बंद करने की अपील करता दिखा। दुकानें बंद होने के बाद निजी वाहन संचालित होते रहे। लोग एक से दूसरे स्थान तक आते-जाते दिखे। कहीं-कहीं पर तैनात पुलिस व सीपीयू कर्मी लोगों व वाहन संचालकों से आने-जाने की वजह जानते दिखे। अधिकांश लोग मेडिकल स्टोर व अस्पतालों के साथ ही फंसे होने का हवाला पुलिस को देते रहे। जरूरी वजह न बताने वाले वाहनों के चालान किए गए। पैदल चलने वालों के लिए कोई रोक-टोक नहीं दिखी। बाजार में सेनिटाईज भी होता दिखाई नहीं दिया।

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कार्यवाहक सिटी मजिस्ट्रेट व एसडीएम लालकुआं ऋचा सिंह स्थिति का जायजा लेती रही। वहीं एसपी डॉ जगदीश चन्द्र, क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धौनी, कोतवाल मनोज रतूड़ी नगर में गश्त पर निकले और लोगों से बेवजह न घूमने की अपील करते रहे। कुल मिलाकर कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लागू कोविड कर्फ्यू का कोई खास प्रभाव आवाजाही में देखने को नहीं मिला। कर्फ्यू का पालन कराने के इंतजामात भी नाकाफी रहे।

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इधर सरकार की ओर से कोविड कर्फ्यू की घोषणा के बाद रविवार सुबह से ही नैनीताल में इसका जबरदस्त असर देखने को मिला। सुबह नौ बजे तक दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए गिनी चुनी दुकानें खुली रही। जो कि नौ बजे बाद बंद कर दी गई। बाजार पूरी तरह से बंद होने के कारण सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। गिने चुने लोग ही सड़कों पर आवाजाही करते रहे दिखे। इधर कर्फ्यू का सख्ती से अनुपालन कराने के लिए पुलिसकर्मी सड़कों और चौराहों पर तैनात रहे।

उधर ऊधमसिंहनगर में लगातार कई नए मामले सामने आ चुके हैं। जिससे कई लोगों की मौत हो गई है। इसे देखते हुए शासन ने शुक्रवार रात 10.30 बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू घोषित किया था। इसके बाद शनिवार को रात इसका समय बदककर रात 9 बजे से सुबह पांच बजे तक कर दिया था।

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