समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। नमक को लेकर पुराने निष्कषों पर फिर से सोचने पर विवश कर दिया है। नवीन शोध अध्ययन के मुताबिक नमक का सेवन एकदम कम कर देने से नुकसान भी हो सकता है। ऐसा करने से कोलेस्ट्राल का स्तर बढ़ भी सकता है। बीपी एवं हृदयरोगियों को चिकित्सा जगत अब तक नमक या उसकी अधिकता वाली चीजें कम खाने की सलाह देता आ रहा है। नमक के कम सेवन से बीपी सामान्य होता है एवं हृदय रोग सही रहता है, यह चिकित्सा एवं जनमान्यता है, जबकि डेनमार्क में इस विषय में हुए नए शोध अध्ययन ने चौंका दिया है। इनका मानना है कि नमक की मात्रा एकदम न्यून या शून्य देने से रक्त में कोलेस्ट्राल 2.5 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
रक्त थक्का जमाने वाले वसा में यह वृद्धि 7 प्रतिशत तक हो सकती है। शोधकर्ता नमक कम करने की बजाय शराब एवं धूम्रपान को बंद करने और वजन नियंत्रित रखने की सलाह देते हैं, जबकि अन्य शोधकर्ता इस नए शोध का प्रतिवाद करते हुए एक व्यस्क को दैनिक अधिकतम 6 ग्राम नमक खाने की सलाह देते हैं, क्योंकि नमक के अधिक खाने से दिल की कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
निष्कर्ष स्वरूप मेडिकल ग्रुप कहता है कि नमक की अधिकता सबको नुकसान पहुंचाती है, अतएव स्वस्थ रहने के लिए दैनिक 6 ग्राम नमक से ज्यादा न खाएं। नमक की अधिकता सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। यह नर्वस सिस्टम, हार्ट, लिवर, किडनी सभी को खराब कर कमजोर बना देती है।


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