महाशिवरात्रि 2026: महाशिवरात्रि व्रत के नियम क्या हैं और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। महाशिवरात्रि का पर्व देशभर में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 15 फरवरी 2025 को मनाया जाता है। इस दिन महाशिवरात्रि दुनिया भर के शिवभक्तों के लिए पूरे साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन भक्त अपने भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई तरह उपाय करते हैं। इस दिन व्रत का भी विधान है। मान्यता है कि अगर महाशिवरात्रि के दिन व्रत के नियमों का पालन करते हैं, तो कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। वहीं, कुछ लोग पहली बार महाशिवरात्रि का व्रत रखेंगे, जिन्हें नियम जानना बेहद जरूरी होता है। चलिए जानते हैं कि महाशिवरात्रि व्रत के नियम क्या हैं और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

व्रत के प्रकार
मान्यतानुसार महाशिवरात्रि पर ही महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन व्रत रखने से मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। वहीं, अगर शादीशुदा लोग इस व्रत को रखत हैं, उनको अच्छे वैवाहिक जीवन का वरदान मिलता है। वैसे आमतौर पर महाशिवरात्रि का व्रत तीन तरह से किया जाता है। पहला निर्जला व्रत। यह व्रत सबसे कठोर माना जाता है। इस व्रत में पूरे दिन और रात भोजन और पानी ग्रहण नहीं किया जाता है। हालांकि इस व्रत का पुण्य फल मिलता है। दूसरा होता है फलाहार व्रत। इस व्रत में व्रती फल, मेवे, दूध और ड्राई फ्रूट्स का सेवन किया जा सकता है। तामसिक चीजों का सेवन वर्जित होता है। वहीं, तीसरा है सात्विक व्रत। इसमें अनाज रहित भोजन किया जाता है, जैसे साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू की रोटी, आलू और मूंगफली आदि।

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व्रत की शुरुआत कैसे करें
अगर आप पहली बार व्रत रख रहे हैं, तो महाशिवरात्रि के एक दिन पहले हल्का भोजन लें। साथ ही यह भोजन सात्विक होना चाहिए। मांसाहारी भोजन या फिर अधिक तेल-मसाले वाले भोजन बिल्कुल ना करें। वरना व्रत का फल प्राप्त नहीं होता है।

व्रत विधि

  • व्रती को महाशिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए।
  • इसके बाद साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। फिर भगवान शिव की पूजा की तैयारी करें।
  • पूजा के दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फल अर्पित करें। मंत्र जाप करें और शांत मन से ध्यान करें।
  • कोशिश करें महाशिवरात्रि के दिन जितना संभव हो मंत्र का जाप करें।
  • महाशिवरात्रि की रात जागरण करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन भजन, कीर्तन और ध्यान करें।
  • इस दिन क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। साथ ही इस दिन व्रती को किसी का अपमान नहीं करना चाहिए।
  • व्रत के दौरान मन और शरीर दोनों की पवित्रता जरूरी मानी गई है।
  • अगले दिन शुभ मुहूर्त में व्रत खोलें और पहले भगवान को भोग लगाएं।
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इन बातों का भी रखें ध्यान
पूजा के दौरान व्रती को इस बात का ख्याल रखना बेहद जरूरी है कि शिवजी की पूजा में कुछ चीजों का प्रयोग करना शुभ नहीं माना जाता है। भगवान शिव को भूलकर भी हल्दी, सिंदूर, केतकी, कमल और तुलसी कभी भी अर्पित नहीं करने चाहिए। बता दें कि नियमों से ज्यादा महत्वपूर्ण श्रद्धा और विश्वास है। सच्चे मन से किया गया छोटा सा व्रत भी भगवान शिव को प्रसन्न करता है और जीवन में सुख-शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। ऐसे में इस दिन बेहद सरल रहें और मन में सकारात्मक विचार लाएं।

महाशिवरात्रि पर क्या नहीं खाना चाहिए?
महाशिवरात्रि के दिन कुछ चीजों का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है। इस दिन प्याज और लहसुन, सामान्य नमक (केवल सेंधा नमक का उपयोग करें), अनाज जैसे गेहूं, चावल, जौ, मक्का और बाजरा, साथ ही दालें जैसे चना, राजमा और मटर का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा मांसाहार, शराब और अन्य नशीले पदार्थ भी वर्जित होते हैं।

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