
समाचार सच, हल्द्वानी। पुर्ननवा महिला समिति द्वारा पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच हीरानगर हलद्वानी में महिलाओं की रामलीला मंचन के सातवें दिन शबरी मिलन, हनुंमान मिलन, बाली वध की लीला का भावपूर्ण व प्रभावशाली मंचन हुआ। इसमें स्थानीय महिला कलाकारों ने बेहतरीन प्रदर्शन करके अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस दौरान भगवान राम व हनुमान मिलन राम सुग्रीव मित्रता, बाली वध, हनुमान जी का लंका गमन संवाद आदि प्रसंगों को देख कर भक्तजन भाव विभोर हो गए।

आज की रामलीला मंचन का शुभारंभ लालकुआं विधायक मोहन सिंह बिष्ट, वन अनुसंधान क्षेत्राधिकारी मदन सिंह बिष्ट तथा संध्या डालाकोटी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सातवें दिन की लीला के प्रथम दृश्य में भक्त शबरी राम के आने की प्रतीक्षा में भजन गाती हुयी मार्ग बुहार कर साफ कर रही हैं। प्रभु श्री राम ऋषियों से शबरी की कुटिया का मार्ग पूछते हैं। शबरी को मतंग ऋषि ने राम के दर्शन का आषीर्वाद दिया, वह पूर्ण हुआ। राम-लक्ष्मण को आते देख वह भावुक होकर प्रभु श्रीराम के चरणों से लिपट जाती हैं। प्रभु श्रीराम ने शबरी से मांग कर बेर खाये। शबरी को उन्होंने नवदा भक्ति का ज्ञान दिया। मार्ग में प्रभु श्रीराम आगे की ओर बढ़ते हैं। सुग्रीव ने ऋश्यमूक पर्वत पर दूर से राम-लक्ष्मण को आते देखा तो समझा कि कहीं बाली ने बदला लेने के लिए तो इन्हें नहीं भेजा है। ऐसा विचार कर हनुमानजी को उनके समक्ष भेजा। हनुमान ब्राह्मण का रूप धारण कर राम लक्ष्मण से उनका परिचय पूछते हैं। परिचय होने पर हनुमान प्रभु राम के चरणों में गिर पड़े व स्तुति करने लगे। श्रीराम ने उनको उठाकर हृदय से लगा लिया। हनुमान ने सुग्रीव से प्रभु की मित्रता कराई। सुग्रीव ने अपने बड़े भाई बाली द्वारा उस पर किये जा रहे अत्याचार की गाथा बताई। राम के कहने पर सुग्रीव ने बाली को युद्ध के लिये ललकारा। युद्ध के दौरान राम ने बाण छोड़ा और बाली धरती पर गिर गया। राम की आज्ञा से लक्ष्मण ने सुग्रीव का राजतिलक किया एवं बाली के पुत्र अंगद को युवराज घोषित किया।

लीला में राम की भूमिका में मानसी, लक्ष्मण की भूमिका में लक्षिता, सबरी की भूमिका लीला कोठारी, सुग्रीव की भूमिका प्रिया कश्मीरा, बाली कि भूमिका किरन धर्मसक्तू, हनुमान की भूमिका में तनुजा जोशी, तारा-लता जोशी, बाल अंगद-निर्विका नेगी, संपाति-जानकी सामंत, नल-सरिता रावत, नील-कुसुम बोरा, जामवंत-भगवती बिष्ट, वानर सेना खुशी बडोला, वैभवी बिष्ट, गरिमा बडोला, श्रेया मेहरा, मनस्वी बिष्ट रहीं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से समिति अध्यक्ष लता बोरा, शांति जीना, कल्पना रावत, जानकी पोखरिया, जया बिष्ट, यशोदा रावत, तुलसी रावत, प्रेमा बृजवासी, रेखा रावत, मंजू बनकोटी, कुसुम बोरा, अंजना बोरा, निर्मला बहुगुणा मौजूद रहे।
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