9-13 मार्च के बजट सत्र से पहले गैरसैंण में उक्रांद का शक्ति प्रदर्शन, गांव-गांव जाकर जुटाया जा रहा समर्थन
समाचार सच, चमोली। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 9 मार्च से शुरू होने वाले पांच दिवसीय बजट सत्र से पहले उत्तराखंड की राजनीति गर्माने लगी है। उक्रांद ने विधानसभा घेराव की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के सक्रिय नेता और युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी लगातार गैरसैंण क्षेत्र के गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं और विधानसभा घेराव में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं।
आशीष नेगी ने कहा कि उत्तराखंड वर्षों से भाजपा और कांग्रेस की राजनीति में उलझा हुआ है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय दलों की नीतियों के कारण पहाड़ की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि उक्रांद की सरकार बनती है तो पहली ही कैबिनेट में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में परिसीमन भौगोलिक आधार पर किया जाना चाहिए, जिससे विधायकों की संख्या 100 से अधिक हो सके। इसके साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं में एक-एक नई कमीश्नरी बनाने तथा पर्वतीय क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए 26 जिलों का ब्लूप्रिंट भी पार्टी द्वारा तैयार किया गया है।
नेगी ने कहा कि वर्ष 2027 में उक्रांद की सरकार बनने पर मूल निवास और सख्त भू-कानून को जनता की राय के आधार पर तैयार कर तुरंत लागू किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी तेजी से संगठन विस्तार में जुटी है और उत्तराखंड के कुल 11,524 विधानसभा बूथों में से अब तक करीब 3,700 बूथों पर सक्रिय प्रबंधन टीम तैयार कर ली गई है। जल्द ही बाकी बूथों पर भी संगठन का ढांचा खड़ा कर लिया जाएगा।
उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 26 वर्षों में दोनों दलों ने बारी-बारी से सत्ता में रहते हुए पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के बजाय बढ़ाया है। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था कमजोर होने से पलायन तेजी से बढ़ा है और पहाड़ के गांव खाली होते जा रहे हैं।
नेगी ने कहा कि यदि सरकार गैरसैंण में नियमित रूप से नहीं बैठेगी तो नेताओं और अधिकारियों को पहाड़ की असली समस्याओं का एहसास नहीं होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां कुछ नेता गैरसैंण में ठंड और ऑक्सीजन की कमी की बात करते हैं, वहीं पहाड़ की महिलाएं कड़ाके की ठंड और बर्फबारी में भी जंगलों से चारा-लकड़ी लाने को मजबूर हैं।
उक्रांद नेता ने दावा किया कि राज्य में माहौल तेजी से उनकी पार्टी के पक्ष में बन रहा है। विधानसभा घेराव को लेकर उत्तरकाशी से लेकर पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर से लेकर टिहरी व देहरादून तक बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग गैरसैंण पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के जरिए सरकार पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने या फिर पहाड़ के हित में सत्ता छोड़ने का दबाव बनाया जाएगा।



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