समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। अनेक लोगों का पूरा जीवन किराये के मकान में बीत जाता है। वे अपना एक छोटा सा जमीन का टुकड़ा खरीदने के लिए जीवनभर कड़ा परिश्रम करते रहते हैं। किंतु फिर भी स्वयं का मकान नहीं बना पाते हैं। वैदिक ज्योतिष में मंगल भूमि, भवन, संपत्ति का कारक ग्रह होता है। यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में मंगल शुभ है तो मनुष्य अनेक भूमि, भवनों का मालिक होता है और यदि मंगल खराब है तो जीवनभर परिश्रम करने के बाद भी मनुष्य अपने मकान के लिए भटकता रहता है।
मंगल को करें प्रसन्न, शीघ्र बन जाएगा स्वयं का मकान
यदि आप भी स्वयं के भूमि, भवन का मालिक बनना चाहते हैं तो अपनी जन्मकुंडली में मंगल की स्थिति देखकर यदि वह कमजोर है तो उसे मजबूत बनाने के उपाय करना चाहिए। जन्मकुंडली में चौथा स्थान भौतिक सुख-सुविधाओं का स्थान होता है। यदि चतुर्थ भाव का स्वामी मजबूत है और मंगल भी उच्च का हो, स्वगृही हो, मूल त्रिकोणस्थ हो तथा शुभ स्थान में हो तो शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
मंगल को मजबूत करने के उपाय
- मंगल को मजबूत करने के लिए सबसे पहले आपको अपने घर में मंगल यंत्र की स्थापना करनी चाहिए। तांबे या अष्टधातु से बने मंगल यंत्र को मंगलवार के दिन विधिवत पूजन कर लाल वस्त्र पर या लाल चंदन की चौकी पर स्थापित करें। नित्य इसका दर्शन पूजन करें और इस पर लाल चंदन की नौ बिंदियां लगाएं।
- नित्य प्रतिदिन स्वयं भी लाल चंदन या केसर का तिलक अपने मस्तक पर लगाएं। नाभि पर केसर की बिंदी नित्य लगाएं।
- लाल मूंगे से बने गणेशजी की मूर्ति घर में स्थापित करें या मूंगे के गणेशजी का पेंडेंट गले में धारण करें।
- मंगल स्तोत्र का नित्य पाठ करने से मंगल शुभ होगा और भूमि भवन के कार्य शीघ्र होंगे।
- प्रत्येक मंगलवार के दिन भगवान शिव का अभिषेक केसरयुक्त दूध से करें। लाल चंदन का त्रिपुंड लगाएं।
- चीटियों को गुड़ से बनी रोटी प्रत्येक मंगलवार को खिलाएं।
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