जनता दरबार में आई अधिकांश भूमि धोखाधड़ी की शिकायतें, आयुक्त ने कहा-भूमि क्रय करने से पहले भूमि के अभिलेख तहसील स्तर पर भलीभांति जांचें

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Most of the complaints of land fraud came in the Janata Darbar, the commissioner said – before purchasing the land, check the records of the land at the tehsil level

समाचार सच, हल्द्वानी। आयुक्त दीपक रावत (Commissioner Deepak Rawat) ने भूमि क्रय करने वाले आमजनता से कहा कि जो भी भूमि क्रय कर रहे है भूमि के अभिलेख तहसील स्तर पर भलीभांति जांच लें। इसकी जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है, कि वह भूमि खरीदने से पहले भूमि के अभिलेख आवश्यक जांच कर भूमि क्रय करें ताकि भविष्य में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकेगा। आपको बता दें कि शनिवार को कुमाऊं आयुक्त कैम्प कार्यालय हल्द्वानी (Kumaon Commissioner Camp Office Haldwani) में लगाये गये जनता दरबार में अधिकांश भूमि धोखाधड़ी की शिकायतें आयी। इन शिकायतों को आयुक्त श्री रावत ने गम्भीरता से लिया।

इसके अलावा जनता दरबार में इसके साथ ही सडक, बिजली, पानी, बीमा क्लेम आदि से सम्बन्धित परेशानियों के द्वारा फरियादियों ने आयुक्त को अवगत कराया। जिसका आयुक्त ने शिकायत कर्ता एवं अधिकारियों को आमने-सामने वार्ता कर समस्या का समाधान किया।

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जनता के दौरान खेम प्रकाश निवासी लालपुर ने 2011 में भूमि क्रय की थी जो भूमि क्रय की थी वह खाता नम्बर 30 था लेकिन कब्जा 28 नम्बर पर है। वर्तमान में खेम प्रकाश खाता नम्बर 28 पर कब्जा किये हुये हैं। वर्तमान में उक्त भूमि पर उत्तराखण्ड कोलोनाइजर द्वारा प्लाटिंग की जा रही है। आयुक्त ने उत्तराखण्ड कोलोनाइजर (Uttarakhand Colonizer) को निर्देश दिये कि एक सप्ताह के भीतर खेम प्रकाश को अन्यत्र भूमि आंवटित करें। वहीं विभा तिवारी निवासी दो नहरिया हल्द्वानी ने आयुक्त को बताया कि दुधारू पशुओं के द्वारा सड़क पर घूमने से दुर्घटना की सम्भावना बनी रहती है। उन्होंने आयुक्त से अनुरोध किया कि इस समस्या का समाधान किया जाए। जिस पर आयुक्त श्री रावत ने नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय को निर्देश दिये हैं अनावश्यक रूप से छोड़े जाने वाले दूधारू पशु पालकोें को सूचित कर दूधारू पशुओं को छोडने पर जुर्माना लगाया जाए अथवा पशुओं को गौशाला छोड़ जाए। उन्होंने कहा दूधारू पशुओं को छोडने पर पशुपालकों के खिलाफ न्यूनतम जुर्माना दस हजार लगाया जाए।

इसके अलावा एक शिकायत में गरूड़ निवासी गोविन्दी देवी की सन् 1975 में मृत्यु हो गई थी। स्व0 गोविन्दी देवी की मृत्यु के बाद भी दाखिल खारिज नही हुये है। जिस पर आयुक्त ने जिलाधिकारी बागेश्वर को जांच कराने के निर्देश दूरभाष पर दिये। धारी निवास मोहन ने आयुक्त को बताया कि उन्होंने भैंस का बीमा कराया था। उन्होंने बीमा का प्रीमियम समय-समय पर दिया था लेकिन कुछ कारणों से भैंस की मृत्यु हो गई। लेकिन बीमा का क्लेम उन्हें आतिथि तक नही मिला है। जिस पर आयुक्त ने मुख्य पशु अधिकारी बागेश्वर को निर्देश दिये है कि जल्द से जल्द भैस का बीमा एक सप्ताह के भीतर दिया जाए।

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रामनगर स्यात निवासी गंगासिहं सावंत ने वन पंचायत की भूमि पर अतिक्रमण के सम्बन्ध में शिकायत कर्ता जीसी पाण्डे द्वारा बताया गया कि गंगा सिंह ने 7 नाली जमीन क्रय की थी लेकिन कब्जा 10 नाली पर किया है शेष 3 नाली जमीन वन पंचायत की अतिक्रमण किया है। उपजिलाधिकारी रामनगर ने आयुक्त को मौके पर बताया कि उक्त 3 नाली जमीन को लीज हेतु आवेदन किया है जिनका चालान पीपी एक्ट के तहत किया गया है। सम्बन्धित प्रकरण का समाधान आयुक्त ने मौके पर किया।

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