समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 13 जुलाई, बुधवार को आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि रहेगी। इस दिन गुरु पूर्णिमा पर्व भी मनाया जाएगा। इस बार ये पर्व बहुत खास रहेगा। पूर्णिमा पर 5 ग्रह अपनी ही राशि में रहेंगे साथ ही चार शुभ योग बन रहे हैं। सितारों की शुभ स्थिति के प्रभाव से आषाढ़ पूर्णिमा पर स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष फल मिलेगा। इस शुभ पर्व पर खरीदारी, निवेश और लेन-देन करने से फायदा होता है।
ग्रह-नक्षत्रों की शुभ स्थिति
पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र बताते हैं कि आषाढ़ पूर्णिमा पर मंगल से लेकर शनि तक 5 ग्रह अपनी ही राशि में रहेंगे। जिससे इस पर्व की शुरुआत हंस महापुरुष योग में होगी। साथ ही इस दिन इंद्र, श्रीवत्स, बुधादित्य योग भी बनेंगे। इस पर्व पर सितारों की शुभ स्थिति में किए गए कामों का शुभ फल और बढ़ जाएगा। इस दिन मंगल, मेष राशि में, बुध-मिथुन में, गुरु स्वराशि मीन में, शुक्र वृष में और शनि कुंभ राशि में रहेगा।
स्नान-दान की परंपरा
इस दिन गंगा सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान और पितरों का पूजन करने से कई गुना पुण्य फल मिलेगा। इस दिन सूर्याेदय से पहले उठकर नहा लेना चाहिए। इस दिन तीर्थ स्नान के लिए न जा सके तो घर पर ही पानी में गंगाजल या अन्य पवित्र नदियों का जल मिलाकर नहाना चाहिए। इस दिन शुभ मुहूर्त में दान का संकल्प लेकर जरुरतमंद लोगों को दान करना चाहिए।
सौभाग्य और आरोग्य बढ़ाने के लिए दान
27 नक्षत्रों में उत्तराषाढ़ नक्षत्र पूजा-पाठ और स्नान-दान का पुण्य बढ़ाने वाला है। इसका स्वामी सूर्य है। इसी तरह सिद्धि योग के अधिपति गणेश हैं जो कि हर प्रकार के कार्य में सिद्धि प्रदान करने वाले हैं। इस पर्व पर मकर राशि में चंद्रमा होने से वैभव में वृद्धि होगी और इस दिन स्नान कर के जल, घट और सफेद चीजों का का दान करना शुभ रहेगा। इस तरह दान करने से सौभाग्य बढ़ता है और आरोग्य भी मिलता है। आषाढ़ पूर्णिमा पर किए गए दान से बीमारियां दूर होती हैं और समृद्धि बढ़ती है। (साभार)



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



