पूरे कुमाऊं मण्डल के जलसंस्थान में कार्यरत आउटसोर्स श्रमिकों ने किया सांकेतिक प्रदर्शन, दिया सीएम को ज्ञापन

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समाचार सच, चम्पावत/हल्द्वानी। जलसंस्थान में विगत 20-25 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स श्रमिकों ने पूरे कुमाऊं मण्डल में अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्तराखण्ड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ के बैनर तले आंदोनरत श्रमिकों ने कुमाऊं मण्डल में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रषित कर अपनी मांगों के शीघ्र समाधान करने की मांग की है।

पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार संघ के कुमाऊं मण्डल शाखा चम्पावत के आउटसोर्स श्रमिक जलस्थान में परिसर में एकत्र हुए। जहां उन्होंने सांकेतिक प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से अपनी पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रदेश के सीएम को प्रषित कर जल्द समाधान किये जाने की मांग की है।

प्रदर्शन के दौरान शाखा अध्यक्ष रमेश चन्द्र जोशी कहना था कि जल संस्थान में कार्यरत आउटसोर्स श्रमिक दिन रात और बिना अवकाश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के दूरदराज क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद पेयजल की जलापूर्ति सुचारू बनाये रखने में अपना पूर्ण योगदान देते आ रहे हैं और विभाग में कार्मिकों जो अपनी आयु सीमा भी पार कर चुके है। सरकार को ऐसे कार्मिकों को विभाग के रिक्त पदों पर वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि विभाग में एक ही प्रवृत्ति के कार्य कर रहे नियमित अधिष्ठान में कार्यरत कार्मिकों को लगभग 35 हजार तथा आउटसोर्स श्रमिकों को मात्र 7 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जाता है। जबकि आउटसोर्स एजेन्सी व ठेकेदार को विभाग द्वारा 13 से 15 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। उनकी मांग है कि उन्हें समान कार्य का समान वेतन दिया जाना चाहिए।

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शाखा मंत्री प्रकाश चन्द्र शर्मा ने कहना है कि आउटसोर्स के माध्यम से सभी कार्मिक सप्ताह में पूर्ण 7 दिन एवं होली, दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों में भी पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करते आ रहे है। विभाग द्वारा उन्हें साप्ताहिक व राजकीय अवकाश में कार्य करने का अतिरिक्त मानदेय का भुगतान किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि मंहगाई चरम पर है और वर्तमान में मिल रहे वेतन से कार्मिकों को पारिवारिक भरण-पोषण करना असम्भव हो रहा है। उन्होंने मांग करते हुए कहा है कि मंहगाई को देखते हुए विभाग को कार्मिकों का न्यूनतम मानदेय 25 हजार रुपये किया जाना चाहिए। उन्होंने विभाग में श्रमिक उत्पीड़न एवं शोषण होने से बचने के शासनादेश जारी करने की मांग सरकार से की है।

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मण्डल में सांकेतिक प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से लालकुआं संजय कुमार, किशन चन्द्र, रानीखेत से केवलानंद मठपाल, रामनगर से हरीश चन्द्र व अजय, भीमताल से कमल कनौजिया व गोविन्द जंतवाल, अल्मोड़ा से राजेन्द्र सिंह अधिकारी व देवेन्द्र जोशी, पिथौरागढ़ से सुरेश भट्ट व अम्बा दत्त पाण्डे, बागेश्वर से देवेन्द्र बिष्ट व नवीन चन्द्र पाण्डे व हल्द्वानी से गोविन्द आर्या व गिरीश चन्द्र सहित डीडीहाट के आउटसोर्स श्रमिक मौजूद रहे।

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