समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। राहुकाल जिसका नाम सुनते ही लोगों के मन में भय उत्पन्न हो जाता है। कुंडली में कुल 12 भाव होते हैं जिन पर राहु विभिन्न तरह से प्रभाव डालता है। ज्योतिष में राहु को एक क्रूर ग्रह बताया गया है, जिसके खराब होने पर व्यक्ति को जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है लेकिन अगर राहु कुंडली में बलवान है तो जातकों को ये अच्छे परिणाम देता है। वैदिक ज्योतिष में राहु ग्रह को कठोर वाणी, जुआ, यात्राएं, चोरी, बुरे कर्म, त्वचा संबंधी रोग, धार्मिक यात्राएँ आदि का कारक कहा जाता है। ज्योतिष में राहु ग्रह को किसी भी राशि का स्वामित्व प्राप्त नहीं है। लेकिन मिथुन राशि में यह उच्च और धनु राशि में यह नीच भाव में स्थित होता है। यहां आप जानेंगे इस ग्रह से संबंधित सभी जानकारी३
कैसे होता है राहु ग्रह खराब
अगर कोई व्यक्ति अपने गुरु या धर्म का अपमान करता है तो उसका राहु ग्रह कमजोर हो जाता है। इसी तरह कड़वे वचन बोलने से, तांत्रिक कर्म करने से, शराब पीने, पराई स्त्री से संबंध रखने, निरंतर तामसिक भोजन करने, झूठ बोलने, धोखा देना, ब्याज का धंधा करने इत्यादि चीजों से राहु ग्रह खराब हो जाता है।
राहु खराब होने के लक्षण
किसी भी ग्रह के खराब होने का अंदाजा उसके प्रभावों से लगाया जा सकता है। जैसे राहु खराब होने पर ससुराल पक्ष से संबंध बिगड़ेंगे, याददाश्त कम होने लगेगी, शत्रुओं में वृद्धि होगी, गुस्से पर नियंत्रण नहीं रहेगा, मानसिक तनाव बढ़ेंगे, भय की स्थिति उत्पन्न होगी, आर्थिक नुकसान होगा, धोखा देने की प्रवृति उत्पन्न होगी, व्यक्ति मद्यपान या संभोग में ज्यादा रह सकता है, लापरवाह बनेंगे, वाहन दुर्घटना हो सकती है इत्यादि।
राहु का इन बीमारियों से हैं संबंध
राहु के खराब होने से गैस प्रॉब्लम, बवासीर, पागलपन, उदर रोग, अत्याधिक बाल झड़ना, नाखूनों का टूटना, सिर दर्द और किसी तरह की गंभीर बीमारी उत्पन्न हो सकती है। अत्याधिक कमजोर राहु व्यक्ति को पागलखाने, दवाखाने या जेलखाने भी भेज सकता है।
मजबूत राहु के शुभ फल
अगर कुंडली में राहु मजबूत है तो व्यक्ति पैसे वाला होगा। कल्पना शक्ति तेज होगी। व्यक्ति प्रखर बुद्धि वाला होगा जो अपने धर्म का पालन करेगा। समाज में मान-सम्मान मिलेगा। व्यक्ति में श्रेष्ठ साहित्यकार, दार्शनिक, वैज्ञानिक और रहस्यमय विद्याओं के गुणों का विकास होता है।
राहु के उपाय
राहु को मजबूत करने के लिए ये कुछ उपाय किये जा सकते हैं
राहु बीज मन्त्र – ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः का 108 बार रोजाना जाप करें।
- हनुमान या सरस्वती की पूजा करें।
- ससुराल पक्ष से संबंध अच्छे रखें।
- बजरंग बाण या हनुमान चालीसा का पाठ प्रतिदिन करें।
- गोमेद धारण करें।
- तिल और जौ किसी हनुमान मंदिर में दान करें।
- दुर्गा चालीसा का पाठ करें.
- पक्षियों को रोजाना बाजरा खिलाएं।
- शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
- तामसिक आहार व मदिरापान ना करें।
- सफेद चन्दन की माला धारण कर सकते हैं।
- प्रतिदिन सुबह के समय चंदन का टीका लगाएं।



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