शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी का ऐतिहासिक कदम, उत्तराखंड दौरा बना यादगार

खबर शेयर करें

समाचार सच, देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा को प्रमोट करने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की। यह पहली बार है जब किसी प्रधानमंत्री ने मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा में पूजा-अर्चना की है। यह न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है।

गंगोत्री मंदिर के सचिव सुरेश सेमवाल और तीर्थपुरोहित रजनीकांत सेमवाल ने मुखवा के चयन पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाला कदम बताया।

यह भी पढ़ें -   धामी कैबिनेट का बड़ा फैसलाः ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी, नए विश्वविद्यालय को हरी झंडी

प्रधानमंत्री उत्तराखंड के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर के रूप में फिर साबित हुए हैं। जिस तरह उनकी केदारनाथ धाम यात्राओं ने श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त वृद्धि की, उसी तरह अब शीतकालीन यात्रा और पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा।

माणा हादसे पर जताया दुख, पर्यटन के लिए नई पहल
पीएम मोदी ने माणा हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मुख्यमंत्री धामी को सुझाव दिया कि सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के लिए प्रतियोगिता आयोजित की जाए, जिसमें वे उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन पर शॉर्ट फिल्में बनाएं। बेहतरीन फिल्मों को पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन स्थलों को देश-विदेश में पहचान मिलेगी।

यह भी पढ़ें -   होली के रंगों में सजी लोकसंस्कृति: ‘बरसत रंग फुहार’ पुस्तक का विमोचन”

प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल से उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह कदम प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Ad Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440