समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। गुरुवार, 14 जुलाई से सावन शुरू हो रहा है। सावन महीने में दो दिन पूर्णिमा रहेगी। 11 अगस्त को रक्षाबंधन और 12 अगस्त को स्नान दान की पूर्णिमा रहेगी। इस महीने में शिव जी का जलाभिषेक अभिषेक और दूध से अभिषेक करने का विशेष महत्व है। इन दिनों में अगर विधिवत शिव पूजा नहीं कर पा रहे हैं तो एक लोटा जल शिवलिंग पर चढ़ा देंगे तो भी शिव जी की कृपा मिल सकती है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य और शिव महापुराण कथाकार पं. मनीष शर्मा से जानिए इस साल सावन महीने में कौन-कौन सी खास बातें होने वाली हैं…
- सावन महीने में शनि अपनी खुद की राशि में वक्री रहेगा। गुरु 29 जुलाई से अपनी ही राशि मीन में वक्री हो जाएगा। सावन महीने में इन दोनों का ग्रहों अपनी-अपनी राशि में वक्री होना बहुत खास योग है।
- जो लोग सावन में शिव पूजा करते हैं, उनकी कुंडली के सभी नौ ग्रहों से संबंधित दोष दूर हो सकते हैं। इस महीने में रोज सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए, स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं और इसके बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
- सावन हिन्दी पंचांग का पांचवां महीना है। इस महीने की अंतिम तिथि पूर्णिमा पर श्रवण नक्षत्र रहता है, इस वजह से इसे श्रावण और बोलचाल की भाषा में सावन कहते हैं। इस बार सावन में 11 और 12 अगस्त को दो दिन पूर्णिमा रहेगी। 2 अगस्त को नाग पंचमी और 11 अगस्त को रक्षा बंधन मनाया जाएगा।
- सावन से चातुर्मास भी शुरू हो रहा है। इन दिनों में नियम संयम से रहना चाहिए। सावन में पूजा-पाठ के साथ ही ध्यान-योग और ग्रंथों का पाठ करना चाहिए। खान-पान में सावधानी रखनी चाहिए।
- श्रवण नक्षत्र का स्वामी चंद्र है। सोमवार भी चंद्र देव का ही दिन है। चंद्र का एक नाम सोम भी है, इसलिए चंद्रवार को सोमवार कहा जाता है। इस साल सावन में चार सोमवार आएंगे।
- सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई को, दूसरा 25 को, तीसरा 1 अगस्त और चौथा 8 अगस्त को रहेगा। इन दिनों में चांदी के या पीतल के लोटे से शिवलिंग पर दूध खासतौर पर चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा जल, बिल्व पत्र, आंकड़े के फूल, धतूरा, भांग, चंदन, शहद, भस्म और जनेऊ भी जरूर चढ़ाएं।
- सावन महीने में कई शुभ योग रहेंगे। 15, 19, 21, 23, 25, 28 जुलाई को सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। 20 जुलाई, 1 अगस्त, 4, 6, 7, 8, 10, 11 अगस्त को रवि योग रहेगा। 24 जुलाई राजयोग द्वि-पुष्कर योग रहेगा। 25 जुलाई को अमृत सिद्धि योग रहेगा।
- शिव जी पंचदेवों में से एक हैं। शिव जी के साथ ही गणेश जी, विष्णु जी, दुर्गा माता और सूर्य देव की भी विशेष पूजा करनी चाहिए। शुभ कामों की शुरुआत इन पंचदेवों की पूजा के साथ करनी चाहिए।
- सावन माह में शनि के लिए हर शनिवार को तेल और काले तिल का दान करें। जरूरतमंद लोगों को छाते का और जूते-चप्पल का दान करें। गुरु ग्रह के लिए हल्दी और चने की दाल का दान करना चाहिए। शिवलिंग पर बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
- अगर हम शिव मंदिर नहीं जा सकते हैं तो घर में ही शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं। जिन लोगों के घर में शिवलिंग न हो, वे आंगन में लगे किसी पौधे को शिवलिंग मानकर या मिट्टी का शिवलिंग बनाकर उसका पूजन कर सकते हैं। मिट्टी से शिवलिंग बनाकर पूजन करने को पार्थिव शिव पूजन कहते हैं। (ज्योतिषाचार्य और शिव महापुराण कथाकार पं. मनीष शर्मा)
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