पेपर लीक मामले में सभी दोषियों पर हो कड़ी कार्यवाही: भीम आर्मी

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समाचार सच, हल्द्वानी। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक मामले में एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया है। जिलाध्यक्ष नफीस अहमद खान के नेतृत्व में सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि यूकेपीएससी द्वारा 8 जनवरी को सम्पन्न कराई गई पटवारी लेखपाल परीक्षा लीक हो चुकी है। जिसमें 5 अभियुक्त पकड़े जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 40 के लगभगअभ्यर्थियों की पहचान हुई जिन्होने नकल की है। इस मामले में भीम आर्मी ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पेपर लीक में शामिल सभी दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। जिन भर्तियों के पेपर लीक हुए हैं और उनकी परीक्षा दोबारा कराई जा रही है उनमें शामिल सभी अभ्यर्थियों का परीक्षा केन्द्रों पर आने-जाने व रहने व खाने का खर्चा सरकार वहन करे। साथ ही 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पर परीक्षा केन्द्र ना रखा जाये। सभी विभागों के बैकलॉक को जल्द भरा जाए। पढ़े-लिखे युवाओं को सरकार जब तक रोजगार नहीं देती तब तक सरकार द्वारा उनको बेरोजगार भत्ता दिया जाए। वहीं यूकेएसएसएससी जो कि उत्तराखण्ड की संस्था है पिछले वर्ष 13 भर्तियों की परीक्षा कराई थी, जिसमें 3 भर्तियां एसटीएफ को जांच हेतु दी गई, जबकि 8 भर्तियों की जांच आयोग ने खुद समिति बनाकर की जिन भर्तियों की जांच आयोग ने खुद समिति बनाकर की उन्हें जांच में सही बताया गया और जिन भर्तियों की जांच एस०टी०एफ० को दी गई थी वह भर्तियां रद्द कर दी गई यह जांच का विषय है।

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इसके अलावा राष्ट्रपति से एसटीएफ को जो जांच दी गई थी, उसमें वीडीओ व वीपीडीओ की भर्ती को यह कहकर रद्द कर दिया गया कि अन्तिम व्यक्ति को नही पकड़ पा रहे हैं जो कि जांच का विषय है और आयोग द्वारा यह कहा गया कि 138 अभ्यर्थी गलत तरीके से चयनित हुए हैं, जिन्हें ब्लैक लिस्ट किया गया। जब आयोग को यह पता है कि वीडीओ व वीपीडीओ में 138 अभयर्थी गलत चयनित हुए हैं, तो बाकी के अभ्यर्थियों को नियुक्ति न देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है, उन्हें अविलम्ब नियुक्ति दी जाए। ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा गया है कि उत्तराखण्ड प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा पिछले एक वर्ष में आश्वासन दिया जा रहा था कि जिन अभ्यर्थियों ने मेहनत ईमानदारी से स्थान बनाया है, उनका अहित नहीं होने देंगे। उन्हें जल्दी नियुक्तियां दी जायेंगी, जिसमें सरकार विफल रही। इतना ही नहीं जब पूरे भर्ती घोटाले मामले में एस0टी0एफ0 अन्तिम व्यक्ति को नहीं पकड़ पा रही है तो सरकार सीबीआई से जांच क्यों नहीं करा रही है।

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