बागेश्वर में हेल्थ प्रोजेक्ट पर सख्ती: कमिश्नर दीपक रावत का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर ₹20 हजार जुर्माना

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समाचार सच, बागेश्वर। कुमाऊं मंडल के कमिश्नर दीपक रावत ने खोली स्थित निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा में और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान पानी की फिजूल बर्बादी पाए जाने पर मंडलायुक्त ने ठेकेदार पर ₹20 हजार का अर्थदंड लगाने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि गुणवत्ता या समयबद्धता में कमी मिलने पर और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मंडलायुक्त ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए कार्यदायी संस्था की लैब में रेत और कंक्रीट के सैंपल अपने समक्ष परीक्षण कराए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से सामग्री की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी कमी न रह जाए।

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एसीएमओ दीपक कुमार ने बताया कि 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण ₹20 करोड़ 58 लाख की लागत से किया जा रहा है। इस ब्लॉक के तैयार होने पर जनपद में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आधुनिक और सुसज्जित उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

इसके बाद कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े के साथ जिला चिकित्सालय बागेश्वर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं, आधारभूत संरचना, दवाइयों की उपलब्धता, आपातकालीन सेवाओं तथा ओपीडी संचालन की विस्तृत समीक्षा की।

आयुक्त ने अस्पताल परिसर, पंजीकरण काउंटर, ओपीडी कक्ष, विभिन्न वार्ड तथा अन्य इकाइयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या, पंजीकरण प्रक्रिया तथा उपचार व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान क्यूआर कोड के माध्यम से ओपीडी शुल्क भुगतान प्रणाली की जानकारी प्राप्त की ।

जन औषधि केंद्र में आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता का गहन निरीक्षण किया। दवाओं के स्टॉक रजिस्टर, वितरण प्रणाली एवं मूल्य सूची की जांच करते हुए निर्देशित किया गया कि किसी भी परिस्थिति में आवश्यक दवाइयों की कमी न हो तथा मरीजों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं ओपीडी में आए लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

इस दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवा 108 एम्बुलेंस की उपलब्धता, प्रतिक्रिया समय, संचालन व्यवस्था एवं तकनीकी स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा की गई। निर्देशित किया गया कि दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को समयबद्ध आपात सेवा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।

चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बैठक में मानव संसाधन की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, स्वच्छता व्यवस्था, उपकरणों की कार्यशीलता एवं आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। अस्पताल की समग्र कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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