रामनगर में चला सबसे बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान; प्रशासन–पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से रिज़र्व वन भूमि मुक्त

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समाचार सच, रामनगर। उत्तराखंड सरकार के “अतिक्रमण मुक्त प्रदेश” और “डेमोग्राफी चेंज पर प्रभावी रोक” के संकल्प को मजबूत करते हुए रविवार को रामनगर के पुछड़ी क्षेत्र में वन विभाग, नैनीताल प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने व्यापक अभियान चलाकर रिज़र्व फॉरेस्ट भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया। अपर जिलाधिकारी (प्र.) विवेक राय ने बताया कि तराई पश्चिमी वन प्रभाग द्वारा चिन्हित 52 अवैध कब्जों पर नोटिस व सुनवाई के बाद अंतिम आदेश पारित किए गए थे, जिनके विरुद्ध कोई वाद न्यायालय में लंबित नहीं था। इसके उपरांत कार्रवाई हेतु जिला प्रशासन से भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेटी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।

कार्रवाई के दौरान 9 सेक्टर ऑफिसर, 3 जोनल अधिकारी, 1 सुपर जोनल व एक ओवरऑल मजिस्ट्रेट, साथ ही दो पुलिस अधीक्षक, एक एडिशनल एसपी, तीन क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर, उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस व PAC बल तैनात किया गया। वन विभाग ने कार्रवाई से पहले पाँच उपखंड अधिकारियों, नौ वन क्षेत्राधिकारियों व फॉरेस्ट गार्डों की टीम के माध्यम से चार दिन तक क्षेत्र में मुनादी कराई थी।

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रविवार सुबह तड़के ऑपरेशन की शुरुआत SSP नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. की मॉनिटरिंग में की गई। पुलिस, प्रशासन और JCB मशीनें मौके पर पहुंचीं और चिन्हित अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर पूरे क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त किया गया। अभियान के दौरान किसी प्रकार का विरोध दर्ज नहीं हुआ और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रही। SSP मंजुनाथ टी.सी. ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि “सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

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अधिकारीयों ने जानकारी दी कि अभियान के दौरान नगर पालिका रामनगर की 2.5 एकड़ भूमि भी अतिक्रमण से मुक्त कराई गई। वर्ष 2019 में 95 लाख रुपये जमा कर यह भूमि नगर पालिका को लीज पर आवंटित की गई थी, जिसका उपयोग लिगेसी वेस्ट, ताजा कूड़ा निस्तारण, डम्पिंग और C&D वेस्ट प्रबंधन के लिए किया जाना था। कब्जा हटने के बाद पालिका ने तत्काल पिलर गाड़कर तारबाड़ का कार्य पूरा किया।

वन विभाग ने बताया कि सभी प्रभावित परिवार अपने वैकल्पिक आवास—स्वयं के घरों, किराये के मकानों या रिश्तेदारों के स्थान पर चले गए हैं।

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