समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज की तेज रफ़्तार जिंदगी में तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। हर तीसरा व्यक्ति किसी न किसी रूप में इनसे जूझ रहा है। कई लोग इनका इलाज दवाइयों से कर रहे हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन मानसिक परेशानियों के पीछे कुछ ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी जिम्मेदार माने जाते हैं।
ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा मन और भावनाओं का स्वामी है। शनि मानसिक दबाव और तनाव से जुड़ा ग्रह है। राहु-केतु भ्रम और अस्थिरता पैदा करते हैं। जब ये ग्रह कमजोर या पीड़ित होते हैं, तो व्यक्ति का मन अशांत हो जाता है। ऐसे में अगर चिकित्सा के साथ कुछ ज्योतिषीय उपाय भी किए जाएं, तो मानसिक शांति और संतुलन जल्दी लौट सकता है।
चंद्रमा को करें मजबूत
सोमवार का दिन चंद्रमा की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे शुभ माना गया है। सुबह स्नान के बाद सफेद चंदन का तिलक लगाएं। एक गिलास दूध में चावल मिलाकर मंदिर में दान करें। यह उपाय चंद्रमा की शीतलता को मन तक पहुंचाना है। इक्कीस दिनों तक नियमित करने से नींद गहरी आने लगती है, चिड़चिड़ापन घटता है और मानसिक शांति महसूस होती है। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा नीच या पीड़ित हो, उनके लिए यह उपाय बेहद लाभकारी होता है।
शनि की पूजा से मिटे तनाव
शनिवार को शनि देव की पूजा मानसिक बोझ को हल्का करती है। सुबह सरसों का तेल पीपल के पेड़ पर चढ़ाएं। काले तिल जल में प्रवाहित करें या गरीब को दान दें। इसके बाद मंत्र “ऊँ शं शनैश्चराय नमः” का 108 बार जाप करें। यह उपाय शनि की कठोर ऊर्जा को शांत करता है। लगातार 45 दिनों तक करने से अवसाद और चिंता धीरे-धीरे कम होने लगती है। आत्मविश्वास बढ़ता है और मन में स्थिरता आती है।
राहु-केतु को करें शांत
बुधवार की शाम हनुमान जी की आराधना राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करती है। एक मिट्टी के दीपक में सरसों का तेल जलाएं। गुड़ और चना हनुमान जी को अर्पित करें और थोड़ा प्रसाद स्वयं भी लें। फिर हनुमान चालीसा का पाठ करें। यह उपाय राहु-केतु से उत्पन्न भ्रम और मानसिक उलझन को दूर करता है। 11 बुधवार लगातार करने से अचानक आने वाले चिंता के दौरे और डरावने सपने समाप्त होने लगते हैं।
गुरु ग्रह को करें प्रसन्न
गुरुवार का दिन गुरु ग्रह (बृहस्पति) की कृपा पाने के लिए श्रेष्ठ है। पीली वस्तुएं जैसे केला, बेसन की मिठाई या हल्दी किसी ब्राह्मण या मंदिर में दान करें। घर में केले का पौधा लगाएं या उसकी जड़ में जल चढ़ाएं। मंत्र “ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” का 19 बार जप करें। यह उपाय मन को सकारात्मक बनाता है और डिप्रेशन को धीरे-धीरे दूर करता है। लगभग 40 दिनों में मनोबल बढ़ने लगता है और सोचने की क्षमता मजबूत होती है।
सूर्य की ऊर्जा से बढ़े आत्मविश्वास
रविवार की सुबह सूर्य को जल अर्पित करना और सूर्य नमस्कार करना अत्यंत लाभकारी है। शुरुआत में तीन बार सूर्य नमस्कार करें, धीरे-धीरे इसे बारह बार तक बढ़ाएं। दाहिने हाथ की अनामिका में तांबे की अंगूठी पहनें। मंत्र “ऊँ हृां हृीं हृौं सः सूर्याय नमः” का सात बार जप करें। यह उपाय शरीर में नई ऊर्जा भरता है, सुस्ती को दूर करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है। तीस दिनों में जीवन में उत्साह और सकारात्मकता महसूस होने लगती है।



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



