समाचार सच, ऋषिकेश। तीर्थ नगरी ऋषिकेश बुधवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना की साक्षी बनी, जिसने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया। हनुमंतपुरम गंगानगर की लेन नंबर 4 में ऐसा मंजर देखने को मिला, जहां पिता और पुत्र की एक साथ अर्थियां उठीं। दृश्य इतना मार्मिक था कि आसपास का पूरा इलाका शोक में डूब गया।
84 वर्षीय वेद प्रकाश कपूर पिछले एक माह से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा था। तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। परिजन उनके पार्थिव शरीर को लेकर घर पहुंचे। परिवार के लोग रो रहे थे, माहौल गम में डूबा था।
इसी बीच वेद प्रकाश कपूर के पुत्र सचिन कपूर (45) अपने पिता का शव देख टूट गए। आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। वे पिछले एक महीने से दिन-रात पिता की सेवा में लगे हुए थे। पिता के निधन का सदमा इतना गहरा था कि सचिन का दिल भी उसे बर्दाश्त नहीं कर सका।
घर में पिता के पार्थिव शरीर के पास ही सचिन अचानक गिर पड़े कृ और चंद पलों में उनकी भी सांसें थम गईं।
देखते ही देखते घर का सन्नाटा चीखों में बदल गया। कहने वाले कह रहे थे। “सचिन तो सच में पिता के लिए श्रवण कुमार जैसा बेटा था…” जब दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो हर किसी की आंखें नम थीं। मोहल्ले के लोग, रिश्तेदार, हर कोई इस अनहोनी पर विश्वास नहीं कर पा रहा था।
वेद प्रकाश कपूर अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए, वहीं सचिन अपनी पत्नी और पुत्र को इस असहनीय विरह में छोड़कर चला गया। हनुमंतपुरम विकास मंच गंगानगर और पार्षद संध्या बिष्ट गोयल ने पिता-पुत्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा क्षेत्र इस दुःख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है।



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