समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। विटामिन-डी एक ऐसा न्यूट्रिएंट है जो कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। सूरज की किरणों के संपर्क में रहने से कोलेस्ट्रॉल के जरिए शरीर को विटामिन-डी मिलता है लेकिन धूप में न जाने व दिन-प्रतिदिन बदलती आदतों के कारण लोगों में इसकी कमी पाई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में करीब 1 बिलियन लोग इसकी कमी से जूझ रहे हैं और उन्हें पता भी नहीं।
5 प्रकार की होती है विटामिन-डी
विटामिन-डी के 5 प्रकार होते हैं: डी-1, डी-2, डी-3, डी-4 और डी-5, जिसमें से विटामिन डी 3 यानि कैल्सिफेरल सेहतमंद रहने के लिए सबसे जरूरी है। यही, हड्डी, दांत और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसकी कमी से रिकेट्स, सूखा रोग, ऑस्टियोपोरोसिस, पीठ दर्द व जोड़ोंमी बने रह, एनीमिया, दांतों में दिक्कत और हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
कैसे पहचानें शरीर में हो गई है विटामिन-डी की कमी
बेवजह थकान
नींद पूरी होने के बाद थके-थके रहते हैं तो इसका कारण शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है क्योंकि बॉडी को एनर्जी देने का कारण भी करता है।
कमजोर इम्युन सिस्टम
विटामिन-डी की कमी से इम्युन सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे आप बार-बार बीमार पड़ते रहते हैं। बता दें कि रिसर्च में कोरोना वायरस से संक्रमित करीब 80ः मरीजों में विटामिन-डी की कमी पाई गई है।
बाल झड़ना
हेयर फॉलिकल्स के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी है। इसकी कमी से ऑटो-इम्युन स्थिति बन जाती है, जिससे बाल कमजोर हो जाते हैं और झड़ने भी लगते हैं।
पीठ में दर्द
इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं क्योंकि यह शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करता है। नतीजन इसकी कमी से हड्डियों, मांसपेशियों, जांघों, पेल्विस, हिप्स और पीठ में दर्द रहने लगता है।
मूड खराब होना
एक्सपर्ट की मानें तो विटामिन-डी मूड़ को भी ट्रिगर करताहै। यह मूड को खुशनुमा बनाए रखता है इसलिए इसकी कमी से लोग डिप्रेशन का शिकार भी हो सकते हैं।
चोट का जल्दी ठीक ना होना
छोटी-सी चोट को ठीक होने में भी ज्यादा वक्त लगे तो ये शरीर में विटमिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। इसकी कमी से शरीर में घाव के ठीक होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
कैसे करें इस कमी को दूर
रोजाना 30-45 मिनट गुनगुनी धूप में जरूर बैठें। इसके अलावा कुछ आहार जैसे दूध-दही, बादाम, मशरूम, ब्रोकली, अंडा, पनीर, मछली, मक्खन, दलिया, संतरे के जूस, गाजर, टोफू (ज्वनि), केल, कोलार्ड, पालक, सोयाबीन और इंस्टेंट ओट्स भी विटामिन डी की कमी पूरी करते हैं।
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