समाचार सच, हल्द्वानी। अप्रैल माह में हुई बेमौसमी बारिश ने एक बार फिर नगर निगम हल्द्वानी की तैयारियों की पोल खोल दी है। बुधवार सुबह हुई तेज बारिश के चलते कालाढूंगी चौराहे के पास मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं और पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया। हैरानी की बात यह है कि मानसून शुरू होने में अभी करीब तीन महीने का समय बाकी है, लेकिन शहर की स्थिति अभी से बदहाल नजर आने लगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा नालियों की नियमित सफाई न किए जाने के कारण यह समस्या हर बार विकराल रूप ले लेती है। इस बार भी थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें पानी से लबालब भर गईं। मास्टर बैण्ड, मोबाइल और खाद-बीज की दुकानों के सामने जमा पानी ने व्यापारियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। दुकानों के आगे भरा पानी किसी तालाब जैसा दिखाई दे रहा है, जिससे ग्राहक खरीददारी करने से कतराने लगे हैं।
दुकानदारों का गुस्सा साफ झलक रहा है। उनका कहना है कि “हर साल बरसात आते ही यही हाल होता है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। अभी तो अप्रैल चल रहा है, जबकि बारिश का असली मौसम तीन महीने बाद आएगा। अगर अभी से ये हाल है तो आगे क्या होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।”
स्थिति उस समय और खराब हो जाती है जब इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन तेज रफ्तार में निकलते हैं और गंदे पानी की बौछारें दुकानों के अंदर तक पहुंच जाती हैं। इससे न केवल दुकानदारों का सामान खराब हो रहा है बल्कि उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कागजों में सफाई व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब नगर निगम हल्द्वानी इस समस्या को गंभीरता से लेगा? क्या हर साल की तरह इस बार भी शहरवासी जलभराव की समस्या से जूझते रहेंगे, या फिर जिम्मेदार अधिकारी समय रहते कोई ठोस कदम उठाएंगे?



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