जब सुपरस्टार धर्मेंद्र अपनी फिल्म हुकूमत की शूटिंग के लिए पहुंचे थे नैनीताल, शहर का बदल गया था मिज़ाज

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समाचार सच, नैनीताल। 80 के दशक का वह समय आज भी नैनीताल के इतिहास का एक सुनहरा अध्याय माना जाता है, जब सुपरस्टार धर्मेंद्र अपनी फिल्म हुकूमत की शूटिंग के लिए यहां पहुंचे थे। शहर की शांत वादियों में अचानक रौनक लौट आई थी और हर दिन किसी त्योहार जैसा महसूस होता था।

फिल्म यूनिट के नैनीताल पहुंचने के बाद मॉल रोड से लेकर झील किनारे तक कैमरों और लाइटों की चकाचौंध दिखाई देती थी। शहर के उस दौर को देखने वाले बताते हैं कि शूटिंग की हलचल ने स्थानीय लोगों की दिनचर्या तक बदल दी थी—स्कूल-कॉलेज से लौटते हुए युवा सीधे शूटिंग स्थल पहुंच जाते और दुकानें चलाने वाले व्यापारी भी फुर्सत मिलते ही सेट की ओर निकल जाते।

धर्मेंद्र की मौजूदगी ने वातावरण में एक अलग ही उत्साह भर दिया था। फिल्म की यूनिट के सूत्रों के अनुसार, अभिनेता अक्सर सुबह-सुबह झील किनारे बैठकर चाय पीते और आसपास घूमने आने वाले लोगों से बड़ी आत्मीयता से बातें करते। कई मौकों पर वे बच्चों को पास बुलाकर उनसे उनके स्कूल और खेलकूद के बारे में पूछते, जिससे लोग उन्हें किसी बड़े सितारे से ज्यादा अपनेपन वाले इंसान की तरह याद करते हैं।

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शूटिंग के दौरान कई दृश्य नैनीताल के पहाड़ी रास्तों, क्लब परिसर और झील किनारे बने पथों पर फिल्माए गए। मौसम चाहे जैसा भी रहा हो—हल्की बूंदाबांदी या सर्द हवाओं के बीच—धर्मेंद्र का जोश हमेशा बरकरार रहता। कैमरा रोल होते ही पूरा वातावरण जैसे फिल्मी दुनिया में बदल जाता था।

फिल्म यूनिट में शामिल कुछ तकनीशियनों का कहना था कि नैनीताल का शांत वातावरण काम को आसान बना देता था, पर लोगों का उत्साह इतना ज्यादा था कि कई बार भीड़ को संभालने में कठिनाई होती थी। फिर भी, धर्मेंद्र हमेशा हंसकर लोगों का अभिवादन करते, अपने फैंस के साथ तस्वीरें खिंचवाते और किसी को खाली हाथ नहीं लौटाते थे।

शहर के पुराने होटल और गेस्ट हाउस महीनों तक कलाकारों और तकनीकी टीम से भरे रहे। कई दुकानदार बताते हैं कि शूटिंग के दिनों में व्यापार भी खूब बढ़ा था—कॉफी हाउस, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों में सितारों को देखने की चाहत रखने वालों की लाइन लगी रहती थी।

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एक दिन की शूटिंग के दौरान अचानक मौसम बदल गया और तेज ठंड की वजह से यूनिट को काम रोकना पड़ा। बताया जाता है कि धर्मेंद्र ने उसी समय स्टाफ को बुलाकर गरम सूप मंगवाया और सभी को अपने साथ बैठाकर पिया, ताकि किसी को ठंड न लग जाए। यही वह व्यवहार है जिसे लोग आज भी सबसे ज्यादा याद करते हैं।

1987 में हुकूमत के रिलीज होने के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, लेकिन नैनीताल के लोगों के लिए इसकी सबसे बड़ी विरासत वे यादें हैं जो शूटिंग के दौरान बनीं।

धर्मेंद्र की मुस्कुराहट, उनकी साधारण चाल-ढाल और आम लोगों के बीच बैठने का सलीका आज भी शहर में उसी आत्मीयता के साथ याद किया जाता है, जैसे वह अभिनेता आज भी कभी भी झील किनारे टहलता हुआ दिख जाएगा।

फिल्म की यूनिट महीनों नैनीताल क्लब में ठहरी. धर्मेंद्र के साथ प्रेम चोपड़ा, सदाशिव अमरापुरकर, जोगिंदर, शम्मी कपूर, राजेंद्र कुमार और स्वप्ना जैसी फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी से शहर में त्योहार जैसा माहौल बन गया था.

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