क्यों लगाये जाते हैं रात में मंदिर में पर्दे? जानिए रात में भगवान की मूर्तियों को ढंक कर रखने के पीछे की वजह

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Why are curtains drawn in the temple at night? Know the reason behind keeping the idols of God covered at night

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हर घर में मंदिर होना बेहद ही जरूरी होता है और ऐसा माना जाता है कि जिन घरों में मंदिर होते हैं, वहां पर हर समय केवल सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। हालांकि कई लोग अपने घर में मंदिर तो बना लेते हैं मगर मंदिर से जुड़े वास्तु शास्त्र के नियमों पर ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में घर में सकारात्मक ऊर्जा की जगह नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लग जाती है। इसलिए आप नीचे बताए गए मंदिर से जुड़े वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन जरूर करें, ताकि आपके घर के मंदिर में सकारात्मक ऊर्जा हमेशा बनी रहे।

जिस तरह से मंदिरों में रात के समय भगवान की मूर्तियों को ढका दिया जाता है, उसी तरह से रोज रात को सोने से पहले घर के पूजा घर या मंदिर पर पर्दा डाल देना चाहिए। कहते हैं कि रात का समय भगवान के विश्राम करने का समय होता हैं और भगवान को सोने में कोई बाधा ना आए, इसलिए उनकी मूर्तियों को ढक दिया जाता है या फिर मंदिर में पर्दा लगा दिया जाता है। वहीं सुबह आप नहाने के बाद ही भगवान की मूर्तियों या फिर पूजा घर के ऊपर से पर्दे को हटाएं।

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मंदिर के पर्दे के लिए चुने ये रंग
घर के मंदिर के पर्दे के लिए पीला रंग काफी शुभ माना जाता है। कहते हैं इसके घर के सदस्यों के मन में भक्ति का भाव उत्पन्न होता है। साथ ही मन अध्यात्म की तरफ बढ़ता है। मान्यता है कि पीला रंग का पर्दा लगाने से परिवार के लोगों में धार्मिक आस्था भी बढ़ती है। मंदिर में गुलाबी या क्रीम रंग का पर्दा भी लगाया जा सकता है।

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