समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। सिरदर्द सबसे अधिक होने वाली स्वास्थ्य समस्या है! सिर दर्द सर के किसी भी हिस्से में हो सकती है सिर दर्द, सर या गर्दन के ऊपरी भाग में होने वाली दर्द की अवस्था है सिर दर्द अत्यधिक लोगों को प्रभावित करती है। आज हम आपको सर का दर्द बताने वाले हैैं।
सिरदर्द के प्रकार –
1) माइग्रेन – माइग्रेन एक गंभीर समस्या है जिसमे बार -बार मध्यम से तेज सिरदर्द होता है माइग्रेन ज्यादातर सर के एक तरफ के हिस्से को प्रभावित करता है और काफी समय तक बना रहता है।
2) तनाव – जब मानसिक और शारीरक तनाव बढ़ जाये तो ये सिरदर्द का कारण बन जाते है ये सर के दोनों तरफ होती है
3) क्लस्टर – क्लस्टर सिरदर्द में बार बार गंबीर रूप से सिरदर्द होता है और ये महिलोओं की अपेक्षा पुरुषों में ज्यादा पाया जाता है क्लस्टर सिरदर्द में आँखों के पीछे और आसपास जलन और दर्द महसूस होता है।
4) ट्यूमर – सर में किसी भी प्रकार की रसोली ,क्लॉट या ट्यूमर के कारण भी सिरदर्द उत्पन हो सकता है।
सिरदर्द के कारण – रोजाना सिर दर्द के कारण, सिर में दर्द क्यों होता है। सिरदर्द अनेक कारणों से हो सकती है जिनमे से कुछ कारण निन्मलिखित हैं –
- अत्यदिक चिंता करना
- लम्बी यात्रा
- सर पर चोट लगना
- सर में सिस्ट या फोड़ा होना
- दांत में दर्द
- फिजिकल स्ट्रेस
- इमोशनल स्ट्रेस
- नींद ना आना
- आँखों पर अत्यधिक तनाब
- कान या आँख की बीमारी
- अधिक शराब या नशे के सेवन से
- माइग्रेन
फ़ोन का अत्यधिक उपयोग – मोबाइल फ़ोन का अत्यधिक प्रयोग करना भी कई समस्याओं को उत्पन कर रहा है सिरदर्द भी उनमे से एक है ज्यादा देर फ़ोन की स्क्रीन को इस्तेमाल करने से ये हमारी आँखों और मस्तिष्क को प्रभावित करता है जो की सिरदर्द का एक कारण है।
सिरदर्द के लक्षण-
-नींद न आना बुखार
-उल्टी आना
-चिड़चिड़ा होना
-कहीं भी मन न लगना
-धुंधला दिखना
-गर्दन में दर्द
-आँखों से पानी आना
-भूख न लगना
-थकावट
-घबराहट
सिरदर्द के घरेलु नुस्खे और उपचार-
1) ध्यान लगाना- ध्यान लगाने से सिरदर्द में काफी आराम मिलता है। मैडिटेशन सिरदर्द के योगा की तरह है इसमें हम अपना ध्यान किसी एक जगह लगाते है इसके लिए हम मैडिटेशन म्यूजिक का भी प्रयोग कर सकते हैं।
2) तेल – सिरदर्द को दूर करने में तेल लाभकारी सिद्ध होता है तेल की मालिश से सिरदर्द में काफी राहत मिलती है ! तेल की मालिश से हमारे सर में खून का भी अच्छा संचार बनता है जिससे हम अच्छा महसूस करते हैं।
3) नींबू और शहद – कई बार हमें पेट में गैस के कारण भी सिरदर्द हो जाता है जिसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में शहद और नींबू मिलाकर लें इससे सिरदर्द और पेट की गैस दोनों में राहत मिलेगी।
4) चंदन का पेस्ट – चंदन का उपयोग ऋषि मुनि भी करते थे वे हमेशा चंदन का लेप अपने सर पर लगाकर रखते थे ये मानसिक संतुष्टि देता था! चंदन की लकड़ी को पत्थर पर घिसकर इसका पेस्ट तैयार करें! इस पेस्ट को अपने सर पर लगायें, ये आपको सिरदर्द में आराम देगा।
5) गर्म दूध – गर्म दूध सरदर्द से छुटकारा पाने में सहायक है गाय का गर्म दूध रोजाना पीने से सिरदर्द के आसार कम हो जाते हैं।
6) खीरा – खीरे का सेवन करने से सिरदर्द में काफी राहत मिलती है खीरा काटकर सर में लगाने से सिरदर्द में आराम मिलता है।
7) तुलसी – एक कटोरे में तुलसी की कुछ पत्तियां डालकर इसे अच्छे से उबाल लें और फिर इसकी भांप लें इससे सिरदर्द में राहत मिलेगी! तुलसी और अदरक का काढ़ा बनाकर पीने से भी सिरदर्द दूर हो जाता है।
8) लौंग- लौंग के तेल की कुछ बुँदे सरसों के तेल में मिलाकर मालिश करने से सिरदर्द दूर होता है! लौंग को पीस कर उसे साफ रुमाल में रख ले जब भी आपको सिरदर्द हो इसे सूंघते रहें आपको सिरदर्द से आराम मिलेगा।
9) सेब – सेब का उपयोग हमें सिरदर्द में आराम देता है सेब को नमक लगाकर खाने से सिरदर्द में राहत मिलती है ! सेब के साथ कुछ अन्य ताजे फलों का जूस पीने से भी सिरदर्द में आराम मिलेगा।
10) अदरक – अदरक के रस में नींबू की कुछ बुँदे मिलाकर दिन में 2 से 3 बार इसका सेवन करने से सिरदर्द में आराम मिलेगा! या अदरक को पानी में उबाल कर इसकी भांप लेने से सिरदर्द में आराम मिलेगा।



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