संस्कृत व संस्कृति के सरंक्षण व सवर्द्धन में अपना अमूल्य योगदान को आचार्य रमेश चंद्र जोशी व आचार्य जगदीश भट्ट हुए सम्मानित

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ज्योतिष कर्मकाण्ड शिविर के पांचवे दिन लग्नस्पष्ट करने की विधि व षष्काष्टक दोष के बारे में समझाया

समाचार सच, हल्द्वानी। श्री महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय द्वारा आयोजित दस दिवसीय ज्योतिष कर्मकाण्ड शिविर में संस्कृत व संस्कृति के सरंक्षण व सवर्द्धन में अपना अमूल्य योगदान के लिये तारा प्रसाद दिव्य पंचांग के सम्पादक आचार्य डा0 रमेशचंद्र जोशी व पर्व निर्णय सभा के अध्यक्ष आचार्य डा0 जगदीश चन्द्र भट्ट को प्रशस्ति पत्र व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
दस दिवसीय शिविर के पांचवे दिन प्राचार्य डॉ नवीन चन्द्र जोशी ने लग्नस्पष्ट करने की विधि बताई तथा षष्काष्टक दोष के बारे में समझाया। आचार्य डा जगदीश चन्द्र भट्ट व डा रमेशचंद्र जोशी ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र विज्ञान है जिसका सही ज्ञान होना आवश्यक है। कार्यक्रम में डा नवीन चन्द्र बेलवाल ने होम विधि बताई।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रबन्धक एवं प्रान्तीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन चन्द्र वर्मा ने कहा कि ज्योतिष अर्थकरी विद्या के साथ साथ शुभाशुभ फल जानने का सही शास्त्र है। कार्यक्रम में केसी पंत, दीपक तिवारी व नीरज ने भी विचार व्यक्त किए।

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