सैफ्रॉन या जाफरान के नाम से भी जाना जाने वाला मसालों का राजा औषधीय तत्वों से भरपूर है ये

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। केसर का इस्तेमाल करने के कई फायदे हैं। यह हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में कारगर होता है। केसर खूबसूरती और त्वचा की रंगत निखारने के साथ-साथ खाने का स्वाद और रंगत बढ़ाने में महत्वपूर्ण रोल अदा करता है। इसे मसालों का राजा भी कहा जाता है। इसको सैफ्रॉन या जाफरान के नाम से भी जाना जाता है। इसमें डेढ़ सौ से भी ज्यादा ऐसे औषधीय तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद हैं। किंग केसरिया के एंटरप्रेन्योर सचिन वशिष्ठ बताते हैं कि केसर का मूल स्वाद अत्यधिक कड़वा होता है और इसकी महक सिर चढ़ने वाली होती है जो गुलाब या जैस्मिन की तरह मोहक नहीं होती बल्कि तेज और गहरी होती है। प्रकृति का जादू ही कहा जाए कि जब केसर किसी खाने की वस्तु में मिलता है तो उतना ही बढ़िया स्वाद और महक देता है जैसे उसी व्यंजन के लिए ही कुदरत ने केसर बनाया हो। तो आइए जानते हैं इसके फायदे के बारे केसर के पानी की मदद से इन समस्याओं से आपको मिलेगा छुटकारा, होंगे ये शानदार स्वास्थ्य लाभ।
इम्यून सिस्टम सही करता है
केसर में मौजूद कैरोटीनॉयड इम्यून सिस्टम में सुधार कर सकता है। केसर के उपयोग से सफेद रक्त कोशिका की गिनती बढ़ जाती है और अन्य रक्त कोशिकाओं का भी स्तर प्रभावित नहीं होता। इसका मतलब है कि यह इम्युनिटी बढ़ा सकता है। जिससे शरीर छोटी मोटी बीमारियों से लड़ने के साथ साथ बड़ी बीमारियों से लड़ने के लिए भी तैयार होता है।
आंखों की रोशनी बढ़ाने में लाभकारी
केसर के फायदे में आंखों की रोशनी में सुधार होना भी शामिल है। केसर में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिससे आंखों में रक्त का प्रवाह को बेहतर होता है, जो बढ़ती उम्र से जुड़े नेत्र रोग पर प्रभावी असर दिखाता है। साथ ही साथ केसर में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण रेटिना को आराम पहुंचाने का काम करता है।
कैंसर से लड़ने में मदद
केसर में कैंसर के लड़ने की ताकत होती है, जिसमें ब्रेस्ट, स्किन, प्रोस्टेट, लंग, लीवर आदि हर तरह के कैंसर आते हैं। केसर में मौजूद ये गुण उसमें मौजूद क्रोसिन नामक केमिकल के कारण आते हैं। क्रोसिन शरीर में मौजूद कैंसर सेल्स को खत्म करता है और नई सेल्स को बनने से भी रोकता है।
अल्ज़ाइमर से निपटने में सहायक
अल्जाइमर यानी भूलने की बीमारी में केसर का सेवन करना चाहिए। केसर दिमाग को चुस्त-दुरुस्त रखता है इसलिए अल्जाइमर से पीड़ित इंसान को इससे लड़ने में केसर बहुत लाभकारी सिद्ध होगी। केसर के नियमित सेवन से इस बीमारी से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।
वजन कम करने में सहायक
आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं तो केसर का सेवन ज़रूर करें। केसर भूख कम करके कैलोरी की मात्रा कम करता है। साथ ही साथ केसर कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी कम करता है जिससे हृदय संबंधित बीमारी, मोटापा और डायबिटीज़ का ख़तरा कम हो जाता है।
अनिद्रा से छुटकारा
केसर के उपयोग से अनिद्रा से राहत मिलती है और बेहतर नींद आती है। बेहतर नींद आने से मानसिक स्थिति बेहतर होती है। अनिद्रा आगे चलकर डिप्रेशन का रूप ले लेता है, केसर क्लिनिकल डिप्रेशन से लड़ने में भी सहायक होता है।
मासिक धर्म की दिक्कतों से राहत
केसर में मौजूद गुण मासिक धर्म यानि पीरियड्स के समय होनी वाली दिक़्क़तों को कम करने में मदद करता है। पीरियड्स के समय केसर का दूध या चाय पीने से दर्द, थकावट, सूजन, चिड़चिड़ापन और ऐंठन जैसी समस्याएं कम हो जाती हैं और शरीर को आराम मिलता है।
अस्थमा में फायदा
अभी मौसम बदल रहा है और आप अगर अस्थमा से पीड़ित हैं तो आपको अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। केसर मिला दूध पीने से अस्थमा में बहुत राहत मिलती है।
सर्दी-जुकाम में फ़ायदेमंद
बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम होना बहुत आम बात होती है ऐसे में अगर आपको भी सर्दी-जुकाम हो गया है तो केसर का दूध या फिर चाय बहुत फ़ायदेमंद होगी।
जोड़ों के दर्द में कारगर
आजकल जोड़ों में दर्द होना बहुत आम हो गया है, इसमें इंसान का चलना फिरना मुश्किल हो जाता है। केसर के सेवन से जोड़ों के दर्द में कमी के साथ साथ हर तरह के हड्डी संबंधी रोग में सहायता मिलती है।
गर्भावस्था के दौरान केसर का सेवन
गर्भावस्था के दौरान केसर का उचित मात्रा में सेवन किया जाए तो कई फायदे हो सकते हैं जिनमें मूड-स्विंग कम होना, ऐंठन से राहत, आयरन की मात्रा में बढ़ोतरी, मॉर्निंग सिकनेस से राहत और बेहतर नींद लाने में मदद शामिल हैं।
त्वचा की देखभाल और केसर
त्वचा को स्वस्थ बनाने के लिए केसर बहुत सहायक है। इसमें विटामिन सी जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं, जो त्वचा को सूर्य की तेज किरणों से त्वचा को बचाकर रखने का काम करता है। जिससे त्वचा की प्राकृतिक चमक बनी रहती है।
चोट और घाव में भी मददगार
किसी भी तरह की चोट हो या किसी कारण से त्वचा जल गयी हो तो केसर का लेप उस जगह लगाने से बहुत जल्दी आराम मिलता है।
सिर-दर्द में रामबाण
शाम को काम करके थक जाओ तो सिर-दर्द होने लगता है, इससे निपटने में केसर का उपयोग किया जा सकता है। सिर-दर्द चाहे हल्का हो या बहुत ज़्यादा तेज़, चंदन के साथ केसर को मिलाकर लेप बनाकर सिर पर लगाने से तुरंत राहत मिलती है।
बालों का झड़ना कम करता है
बालों का झड़ना आजकल एकदम आम बात हो गयी है। हो सकता है कि आप भी अपने बालों के झड़ने से परेशान हों। अगर आप इस समस्या से निजात पाना चाहती हैं तो केसर का इस्तेमाल करें, क्योंकि केसर में विटामिन ए जैसे एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं इसलिए यह बालों की झड़ने की समस्या आसानी से दूर कर देता है।
पेट संबंधी विकार को दूर करने के लिए
केसर का सेवन पेट संबंधी बीमारियों, जैसे बदहज़मी, पेट दर्द, एसिडिटी, गैस इत्यादि में बहुत फायदा करता है। साथ ही साथ केसर पाचन तंत्र को ठीक रखने में भी मदद करता है।
केसर के फायदे
-यदि नॉर्मल चाय में केसर की 2-3 पत्तियाँ डालकर पीते हैं तो फ्लू से बचा जा सकता है।
-आपकी सन क्रीम में होमोस्लेट नामक तत्व रहता है जो आपकी त्वचा के रंग को हल्का रखता है, अध्ययन से पता चला है कि होमोस्लेट जैसी गुणवत्ता केसर में प्राकृतिक तौर पर मौजूद होते हैं। जो आपकी त्वचा के रंग को धब्बे पड़ने से, काला पड़ने से और झुरियां पड़ने से बचाता है। आजकल वियतनाम में भद्र महिलाएं सौंदर्य बढ़ाने के लिए सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में केसर पीती हैं।
-कोरोना से बढ़ते अवसाद में केसर की आरोमाथेरेपी बहुत कारगर सिद्ध हो सकती है। ग्रीन टी या नोर्मल चाय में दिन में एक बार 2-3 धागे केसर के कमाल कर सकते हैं। कई अध्ययन यह साबित कर चुके हैं कि केसर ओवेसेसिव, कॉम्पलेसिव एवं डिस्आर्डर जैसी बीमारियों में भी लाभदायक है।
-नियमित केसर के उपयोग से ब्लड शुगर को भी नियंत्रित किया जा सकता है। अत्यधिक तनाव से शुगर की बीमारी बढती है और आयुर्वेद में तनाव का तूफानी इलाज केसर ही है। बच्चों को उनके एग्जाम के समय इसका सेवन जरूर करना चाहिए।
-ध्यान के उपासक केसर से यदि माथे और जिह्वा पर तिलक करते हैं तो उनका ध्यान तनावमुक्त होता है।
-सर्दी, खांसी, जुखाम और सिर दर्द जैसी बीमारियाँ केसर के उपयोग से इसीलिए दूर भागती हैं क्यूंकि केसर अंग्रेजी दवाइयों की तरह बीमारियों के लक्ष्ण पर काम नहीं करता बल्कि आपका रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, जिससे ये सब बीमारियाँ आपसे दूर रहती हैं.
-केसर के प्रयोग से आपका मिजाज़ हमेशा आध्यात्मिक और उर्जावान बना रहता है, इसके पोषकतत्व जैसे जिंक, मैंगनीज और मैग्नीशियम आपको इसकी बहुत कम मात्रा के उपयोग से मिल जाती है।
-फेफड़ों की समस्या से अस्थमा जैसी बीमारियाँ होती हैं जो शरीर में कई तरह की जलन भी पैदा करती हैं। प्राचीन काल से केसर का उपयोग ऐसी समस्याओं के लिए किया जाता है।
-कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों के लिए केसर में रसायन निवारक तत्व पाए जाते हैं, जो न सिर्फ कैंसर को बढ़ने से रोकता है बल्कि कैंसर को खत्म भी करता है।
-एक व्यस्क के लिए केसर नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर 1 ग्राम 20-25 दिन तक बढ़े आराम से चलता है। और यदि परिवार पांच लोगों का हो तो 3-4 ग्राम महीने भर के लिए काफी है।

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