समाचार सच, हल्द्वानी। भारत मां के सपूत सिपाही मुकेश चन्द्र शर्मा का जन्म दिनांक 01 अप्रैल 1982 को जनपद नैनीताल के ग्राम नगौनियां, पोखरी में हुआ था। इनके पिता जी का नाम श्री जगदीश चन्द्र शर्मा व माता जी का नाम श्रीमती नीमा शर्मा है। सिपाही मुकेश की एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई हैं। सिपाही मुकेश के पिता जी श्री जगदीश चन्द्र जी शिक्षा विभाग में सेवारत थे और वे इंटर कॉलेज पोखराण में पोस्टेड थे तो मुकेश भी पिता जी के साथ थे। वहीं से वर्ष 1999 में इंटर की परीक्षा उर्तीण की। इंटर करने के बाद वे हल्द्वानी आ गये और बी कॉम में प्रवेश लिया। साथ ही कंप्यूटर की शिक्षा भी हासिल करने लगे। इसी बीच भर्ती शाखा कार्यालय अल्मोडा में सेना की भर्ती हुई तो मुकेश ने भी आवेदन किया और पहले प्रयास में ही उनका चयन हो गया और वे कुमाऊँ रेजिमेण्ट में भर्ती हो गये। रानीखेत में बेसिक प्रशिक्षण पूरा करने पर उन्हे 18 कुमाऊँ में भेजा गया। 18 कुमाऊँ में उन्होंने अपनी छवि एक मेहनती, ईमानदार और कर्मठ सैनिक के रुप में बनाई। इस दौरान उन्हें पराक्रम पदक और सियाचिन मैडल भी मिला।
मेजर बी एस रौतेला ने बताया कि कुछ समय के बाद उनकी पल्टन सियाचिन से राजस्थान में आई। और चूँकि शान्तिकाल में सेना सदैव प्रशिक्षण और युद्धाभ्यास करती रहती है। सिपाही मुकेश भी युद्धाभ्यास के लिए प्रशिक्षण क्षेत्र में गये लेकिन दुर्भाग्यवश ग्रिनेड फायरिंग के दौरान हादसा हो गया जिसमें सिपाही मुकेश चन्द्र बुरी तरह घायल हो गये। सेना अस्पताल में उनका उपचार चला और फिर उन्हें कुछ समय के लिए अवकाश पर भी भेजा। जब वे अवकाश से वापस गये तो उनका आपरेशन होना था। जाते ही उनका आपरेशन भी हो गया लेकिन आपरेशन के दूसरे दिन ही दिनांक 09 मार्च 2005 को उनकी मृत्यु हो गई। सिपाही मुकेश के घर में उनके माता-पिता जी के साथ उनके भाई श्री कैलाशचन्द्र शर्मा और उनका परिवार भी है।
शहीद की माता जी श्रीमती नीमा शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधायें मिल रही हैं। उनके भाई श्री कैलाश चन्द्र शर्मा ने बताया कि सरकार ने घोषणा की थी कि राज्य के सड़क, विद्यालय, अस्पताल, पार्क आदि सभी जगहों का नाम शहीद सैनिकों के नाम से रखा जायेगा लेकिन अभी तक नहीं हो पाया है। उन्होंने आशा जताई कि शायद सरकार यह कार्यवाही करेगी और शहीदों को उचित सम्मान देगी।
श्रीमती नीमा शर्मा ने बहुत ही हिम्मत और धैर्य के साथ बताया कि उनका बेटा राष्ट्र के काम आया यद्यपि मैं माँ हूँ लेकिन भारत माता हम सब की माँ है और इसकी रक्षा करना हम सब का परम कर्तव्य है। उन्होंने यह भी बताया कि वे अपने छोटे पुत्र श्री कैलाश चन्द्र को भी सेना में भेजना चाहती थी लेकिन नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि अब उनका पोता जो वर्तमान में कक्षा 4 में पढ़ाई कर रहा है उसे भी सेना के लिए तैयार करेगें और देश की सेवा करने के लिए भेजेगें।
समाचार सच परिवार शहीद मुकेश चन्द्र शर्मा की शहादत को सलाम करता है और उनको नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता है। साथ ही उनके भतीजे के उज्जवल भविष्य की कामना करता है।


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