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देश में कोरोनावायरस के बढ़ते केसों के बीच पीएम मोदी ने दिया मंत्र, जानिए कौन-सा है मंत्र…

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-पीएम ने मुख्यमंत्रियों से राज्यों में कोरोना के हालात पर की चर्चा
-कोरोना की लहर को रोकना ही होगा तुरंत: मोदी

समाचार सच, नई दिल्ली (ब्यूरो)। देश में कोरोनावायरस के तेजी से बढ़ते केसों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘‘दवाई भी कड़ाई भी नया मंत्र’ दिया हैं। उनका कहना था कि ‘गांवों तक कोरोना पहुंचा तो महामारी रोकना मुश्किल हो जायेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की लहर को तुरंत रोकना ही होगा।
पीएम ने एक बार फिर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाते हुए सभी राज्यों में कोरोना के हालात पर चर्चा की। अपने संबोधन में पीएम ने आग्रह है कि स्थानीय स्तर पर गवर्नेंस को लेकर जो भी गड़बड़ है, उनकी समीक्षा करना और उन्हें सुलझाना वर्तमान में बहुत आवश्यक है। ये मंथन का विषय है कि आखिर उन क्षेत्रों में टेस्टिंग कम क्यों हो रही है। ये गुड गवर्नेंस की परीक्षा का भी समय है।”
पीएम ने कहा कि मास्क को लेकर गंभीरता अभी भी जरूरी है। प्रशासनिक स्तर पर मास्क को लेकर चौकसी जरूरी। हमारी सफलता लापरवाही में नहीं बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट को लेकर हमें उसी गंभीरता को बरतने की जरूरत है, जैसी हम पिछले एक साल से बरतते आ रहे हैं। हमें आरटी-पीसीआर टेस्ट 80 फीसदी से ऊपर रखना जरूरी है। हम यह देख रहे हैं कि कई राज्यों में रैपिड एंटीजेन टेस्ट पर जोर दिया जा रहा है। इसे बदलने की जरूरत है।
मोदी ने कहा, “इस बार हमारे टियर-2 और टियर-3 शहर जो पहले प्रभावित नहीं हुए थे, वे भी प्रभावित हो रहे हैं। हम पहले कोरोना से जीत पाए, क्योंकि यह गांव में नहीं पहुंचा था। लेकिन अगर यह गांव तक पहुंचा, तो महामारी को रोकना मुश्किल होगा।” बता दें कि पीएम ने इससे पहले जनवरी में भी मुख्यमंत्रियों से इस मुद्दे पर बात की थी।
पीएम ने कहा आंध्र प्रदेश और यूपी जैसे राज्यों में कोरोना वैक्सीन का वेस्टेज चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि जितना वैक्सीन की वेस्टेज रुकेगी। उतनी ही जल्दी टीके की पहली और दूसरी डोज मिल सकेगी। वैक्सीन की बर्बादी न हो, इसकी समीक्षा होनी चाहिए। मोदी ने कहा कि दवाई भी और कड़ाई भी।
पीएम ने आरटी-पीसीआर टेस्ट और वैक्सीन लगाने वाले केंद्र बढ़ाने की जरूरत बताई। साथ ही कहा कि चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट हो टीकाकरण केंद्र होना जरूरी है। पीएम ने कहा, “हमें माइक्रे कंटेनमेंट जोन बनाने पर जोर देना होगा। हमें कड़ाई करने की जरूरत पड़े, तो करनी चाहिए। हमें लोगों की जागरुकता बनाए रखने में मदद मिलेगी। हम अब तक जो लड़ाई जीतते आए हैं क्योंकि जनता जनार्दन ने कोऑपरेट किया है। भारत विजयी हो रहा है लोगों की जागरुकता और सहयोग के कारण।”
बताया गया है कि पीएम मोदी के न्योते के बावजूद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल बैठक में नहीं पहुंचे हैं। दूसरी तरफ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी असम में भाजपा की रैली में शामिल होने के चलते मीटिंग का हिस्सा नहीं बने। हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से स्वास्थ मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहे।
बता दें कि भारत में कोरोनावायरस के चलते हालात फिर बिगड़ने लगे हैं। पिछले 24 घंटे में ही देश में 28,903 नए मामले दर्ज हुए हैं। यह 13 दिसंबर के बाद नए मामलों में सबसे बड़ा उछाल है। अब तक देश में 1 करोड़ 14 लाख से ज्यादा केस आ चुके हैं, जबकि 188 नई मौतों के साथ कुल मृतकों की संख्या 1,59,044 पर पहुंच गई है।
पिछले 24 घंटे में कुल मामलों में 62 फीसदी संक्रमण और 46 फीसदी मौत के मामले महाराष्ट्र से आए हैं। पिछले 10 दिनों में जिन 19 जिलों में कोरोना के केस बढ़े हैं, उनमें से 15 महाराष्ट्र में ही हैं। पुणे, मुंबई, नागपुर जैसे शहरों में तो पिछले 10 दिनों से लगातार एक हजार केस मिल रहे हैं।

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