हल्द्वानी समाचार, अध्यात्म डेस्क। हिन्दू धर्म में मुहूर्त एक समय मापन इकाई है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार किसी विशेष कार्य को ग्रहों की अनुकूल प्रभाव स्थिति में किया जाना मुहूर्त है। जैसे विवाह करने का मुहूर्त जिसका चयन इस आधार किया जा सकता है।
- शुभ पंचाग देखना चाहिए अर्थात विवाह के लिए शुभ नक्षत्र देखने चाहिए।
- तारा बल अर्थात सूर्य, बृहस्पति व चंद्रमा की गोचर में स्थिति देखनी च ाहिए कि इनका गोचर 4, 8 व 12 भाव में नहीं होना चाहिए। चूंकि बृहस्पति का गोचर लगभग एक साल तक एक राशि में रहता है और विवाह को लेकर अनिश्चिताएं बढ़ती जा रही है, इसलिए यदि अनिवार्य हो तो बृहस्पति की पूजा के पश्चात विवाह किया जा सकता है।
- तिथि व भद्रा यानी उस दिन 4,9, 14 अर्थात रिक्ता व अमावस्या तिथि न हो।
- योग यानी व्यतीपात और वैधृति योग का त्याग करें। समय निकालने के लिए लग्न शुद्धि करनी चाहिए।
- विवाह हेतु एक अच्छा मुहूर्त निकालने हेतु पंचांग में दिए गए शुभ मुहूर्तों अर्थात अमृत-सिद्धि, सर्वाध – सिद्धि, द्वि – पुष्कर व त्रि-पुष्कर में से मुहूर्त हेतु तिथि चयन कर उसकी व्यक्ति विशेष हेतु शुद्धि करनी चाहिए।
6- किसी भी मुहूर्त के लिए ऐसा समय चुनना चाहिए कि लग्न संबंधित भाव व कारक बली हो। संबंधित भाव अर्थात जिस कार्य से संबंधित मुहूर्त चयन कर रहे हैं उस कार्य से संबंधित भाव जैसे विवाह के मुहूर्त के लिए सप्तम भाव संबंधित भाव होगा। चूंकि विवाह हेतु सप्तम भाव का विश्लेषण किया जाता है।
बली भाव से अभिप्राय है
- संबंधित भाव अर्थात सप्तम भाव शुभ ग्रहों से युक्त-दुष्ट हो।
-संबंधित भाव अर्थात सप्तम भाव अपने स्वामी ग्रह से युक्त या दृष्ट हो।
-संबंधित भाव का स्वामी केंद्र-त्रिकोण में हो।
-संबंधित भाव या भाव का स्वामी ग्रह शुभ कर्तरी में हो।
-अगर मुहूर्त संभव न हो तो सामान्य शुद्धि करनी चाहिए अर्थात शुभ ग्रह केंद्र व त्रिकोण में स्थित हो व पापी ग्रह 3, 6, 11 भाव में स्थित हो व 6, 8, 12 व 7 भाव खाली हो तो शुभ फल प्रदान करते हैं। जितनी ज्यादा गहराई से देश सकें उतना अच्छा है। शुभ चौघड़िया होना चाहिए व अत्यधिक शुभता हेतु यदि संभव हो तो रात्रि या दिन के अभिजीत मुहूर्त को सम्मलित कर लेना चाहिए। यदि दिन के विवाह का मुहूर्त है तो राहु-काल का त्याग करना चाहिए। यह लेख के स्वरचित विचार है।
यह भी पढ़ें - देवभूमि की संस्कृति सड़कों पर उतरी, उत्तरायणी शोभायात्रा में दिखा कुमाऊं-गढ़वाल का गौरव

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440


