बेलगाम टेम्पो व ई-रिक्शा चालक कर रहे हैं नियमों के साथ खिलवाड़, देखे वीडियो में कारनामा

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-बीच सड़क में बिना इन्डीकेटर दिये हुए मोड़ लेते हैं वाहन
-आड़े-तिरछे चलकर दूसरों के लिए बने खतरे का सबब

समाचार सच, हल्द्वानी (नीरू भल्ला)। टेम्पो व ई-रिक्शा चालक हल्द्वानी की बदहाल यातायात व्यवस्था को और बिगाड़ने में आगे हैं। आलम यह है कि ये सड़क में बिना इन्डीकेटर दिये हुए या पीछे की वाहन को नजरदांज करते हुए आड़े-तिरछे चलते हैं जिससे वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों के चोटिल होने का डर बना रहता है। वहीं ई-रिक्शा चालकों और अधिकतर टेम्पो में इन्डीकेटर क्षतिग्रस्त हैं या किसी में लाइट नहीं होने के कारण ये अन्य वाहनों के लिए खतरे का सबब तो बन ही रहे हैं।

ज्ञात हो कि महानगर की यातायात व्यवस्था पहले से ही पटरी से उतरी हुई है। टेम्पो व ई रिक्शा चालकों का यातायात व्यवस्था को पटरी से उतारने में अहम रोल है। रोड में देखने मे आता है कि ये सवारी लेने के लिए अपने वाहन को कहीं भी रोक देते हैं और सड़क में अनेक स्थानों पर टेम्पो को लहराकर चलते हैं। कहीं-कहीं पर तो ये बिना इन्डीकेटर दिये हुए ही मुड़ जाते हैं जिससे पीेछे वाले वाहन इनसे टकरा जाने से बाल-बाल बच जाते हैं या टकराकर चोटिल हो जाते हैं। वहीं दोपहिया वाहन चालकों का कहना है कि इन वाहन चालकों के कारस्तानी के कारण उन्हें सड़क पर वाहन चलाने मेें भी डर लगने लगा है।

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वहीं जिले में आने वाले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की पहली ही वार्ता में उनका लक्ष्य यहां की यातायात व्यवस्था पर फोकस होता है। हालाकि इस पर आये दिन होमवर्क होता तो है लेकिन इसके ठोस नतीजों का आज तक इंतजार बना हुआ है। वहीं जिस प्रकार से महानगर की आबादी में इजाफा हो रहा है उस अनुपात में यातायात पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं हो पा रही है। इससे बेलगाम यातायात पर अंकुश कसने में परेशानी हो रही है।

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सुरक्षित यातायात सप्ताह में दिये टिप्स
हल्द्वानी।
लोगों केा यातायात के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित वाहन चलाने के लिए हर साल पुलिस द्वारा सुरक्षित यातायात सप्ताह मनाया जाता है। इस दौरान लोगों को सड़क पर सावधानी से वाहन चलाने और यातायात नियमों के पालन की नसीहत दी जाती है। इसके बावजूद भी लोग असावधानी से वाहन चलाते हैं और अपनी जान गंवाते हैं।

आवाज वाले इंडीकेटर की जरूरत
हल्द्वानी।
देखने में आ रहा है कि आजकल नये वाहनों में आवाज वाले इंडीेकेटर आ रहे हैं, लेकिन पुराने वाहनों में इस प्रकार की सुविधा न होने के कारण हादसे का डर बना रहता है। इसलिए सड़क हादसों पर रोक लगाने को इस प्रकार के इंडीकेटर की आवश्यकता है।

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