समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शादीशुदा औरत अक्सर अपने माथे पर बिंदी लगाती हैं। इसे औरत के श्रृंगार में खास जगह दी गई है। इसके अलावा बिंदी का हिंदू संस्कृति में भी खास महत्व है। इसे सुहाग की निशानी भी माना जाता है। ट्रेडिशनल आउटफिट यानि साड़ी या फिर सूट पहना हो तो बिंदी लगाने से ही लुक को पूरी ग्रेस मिलती है। माथे पर आंखों के बीच लगाई जाने वाली बिंदी खूबसूरती तो बढ़ाती ही है लेकिन इसके कई वैज्ञानिक कारण भी है। जो सेहत से जुड़ी ढेरों परेशानियों को दूर करते हैं। इसके फायदों को जानकर हर महिला शायद बिंदी लगाना पसंद करती है। इसके अलावा यह बात भी सही है कि माथे पर लगी झिलमिलाती बिंदी औरतों की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। आइए जानें आखिर क्यों पसंद की जाती है बिंदी।
क्या है बिंदी का असली नाम
बिंदी माथे पर भौहों के बीच लगाई जाती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इसे सुहाग की निशानी माना जाता है। बिंदी का नाम संस्कृति शब्द बिंदू पर पड़ा। जिसे बाद में बिंदी कहा जाने लगा। पुराने समय में लोग पूजा के समय माथे पर लाल रंग का बिंदु यानि तिलक लगाते थे। धीरे.धीरे लाल रंग का यह बिंदू कलरफुल और मैचिंग बिंदी में तबदील हो गया। आजकल लोग डिजाइनर बिंदी लगाना ज्यादा पसंद करते हैं।
बॉडी में बरकरार रहती है एनर्जी
भौहों के बीच जहां बिंदी लगाई जाती है यह स्थान तंत्रिका बिंदु होती है। इसे अजा चक्र भी कहते हैं। यह चक्र बुद्धिमता के साथ.साथ नियंत्रण का भी प्रतीक है। अजा चक्र पर बिंदी लगाने से यह ऊर्जा बरकरार रहती हैए इसलिए बिंदी लगाने वाले लोग दूसरों के अलावा खुद पर जल्दी नियंत्रण पा लेते हैं।
बढती है एकाग्रता
मन को शांत और एकाग्र रखने में भी बिंदी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। माथे पर बिंदी लगाने से यह बिंदु जागृत हो जाता हैए जिससे मानसिक शांति बढ़ती है और मन की एकाग्रता बढ़ने लगती है।
सिर दर्द से छुटकारा
सिर में दर्द है तो एक्यूप्रेशन के सिद्घांत अनुसार अजा चक्र के बिंदु द्वारा इससे राहत पाई जा सकती है। बिंदी लगाने से इस चक्र पर दवाब पड़ता है और खून का दौरा सामान्य हो जाता है। इस घ्बिंदु से नसें व रक्त कोशिकाएं सक्रिय होती हैं जिससे दर्द से राहत मिलती है।
अनिद्रा दूर
बिंदी लगाने से अनिद्रा दूर करने में भी सहायता मिलती है। यह मन शांत रखने के साथ.साथ चेहरेएगर्दनएपीठ और चेहरे की मांसपेशियों को आराम देती हैं। इससे मानसिक तनाव भी दूर रहता है।
आंखों के लिए फायदेमंद
जिस जगह पर बिंदी लगाई जाती है वह सुप्राट्रोक्लियर नर्व से संबंधित होती है। जिस पर दवाब पड़ने से आंखों को अलग.अलग दिशाओं में देखने में मदद मिलती है। माथे पर बिंदी लगाने से तबीयच कम खराब होती है।
सुनने की क्षमता में बढ़ावा
माथे पर बिंदी लगाने वाले स्थान के पास कान से जुड़ी हुई नस भी गुजरती है। बिंदी लगाने से इस पर दवाब पड़ता हैए जिससे सुनने की क्षमता बढ़ती है।

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